जिले की गढ़मुक्तेश्वर तहसील में जिला प्रशासन की ओर से फायरिंग रेंज बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए 250 बीघा जमीन की तलाश की जा रही है। दरअसल, गाजियाबाद जिले में फायरिंग रेंज और राइफल क्लब है।
पहले हापुड़ जिला भी गाजियाबाद का हिस्सा था। तब शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण में कोई परेशानी नहीं होती थी। फायरिंग रेंज में आवेदकों का शस्त्र चलाने का टेस्ट हो जाता था। इसके अलावा पुलिसकर्मियों के हथियारों को भी वहां चलाकर टेस्ट लिया जाता था।
वैसे भी किसी भी जिले में फायरिंग रेंज का होना जरूरी है। इसीलिए हापुड़ जिले में भी फायरिंग रेंज बनायी जाना प्रस्तावित है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रजनीश राय का कहना है कि हापुड़ जिले की गढ़मुक्तेश्वर तहसील क्षेत्र में फायरिंग रेंज बनाया जाना प्रस्तावित है,
जिसके लिए 250 बीघा जमीन की आवश्यकता है। गढ़मुक्तेश्वर तहसील में इतनी जमीन मिलने की संभावना है। इसलिए वहां फायरिंग रेंज प्रस्तावित की गई है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि गढ़मुक्तेश्वर तहसील क्षेत्र में एक स्थान पर 250 बीघा जमीन मिल भी रही थी।
लेकिन सेंचुरी क्षेत्र होने के कारण वन विभाग ने आपत्ति जता दी। इसलिए अब ऐसे किसी स्थान की तलाश है जो सेंचुरी क्षेत्र से बाहर पड़ता हो।
उल्लेखनीय है कि हापुड़ जिले में फायरिंग रेंज नहीं होने के कारण यहां राइफल क्लब का भी गठन नहीं हो पाया है। माना जा रहा है कि फायरिंग रेंज बनने के बाद ही राइफल क्लब का गठन हो सकेगा।