नगर के प्राचीन माता मोहल्ला में जमीन दरकने के मामले में नगर पालिका की लापरवाही बढ़ती ही जा रही है। मोहल्ले में छह दिन से चार फुट गहरा गड्ढा खुदा पड़ा है। मंगलवार को पानी भरते समय एक मासूम गड्ढे में गिरकर घायल हो गया।
बच्चे के रोने की आवाज सुन मौके पर पहुंचे नागरिकों ने किसी तरह उसे बाहर निकाला। नगर पालिका परिषद के खिलाफ लोगों में गुस्सा है। प्राचीन माता मोहल्ला के मकानों में करीब 8 दिन पूर्व दरार आ गई थी।
इसकी जांच करने के लिए नगर पालिका की टीम ने मोहल्ले में बनी सड़क में गड्ढा कर दिया था। गड्ढे वाले स्थान पर जमीन खोखली निकलने से नागरिकों में हड़कंप मच गया था। तब नगर पालिका परिषद के अफसरों ने पास में लगे खराब नल को उखाड़ने औ गड्ढों को बंद कराने के निर्देश पालिका कर्मचारियों को दिए थे।
नगर पालिका परिषद कर्मियों की लापरवाही का आलम यह है कि 6 दिन बीत जाने के बाद भी न तो खराब नल को उखाड़ा जा सका है और न ही गड्ढे को ढकने का प्रयास किया गया है। मंगलवार को मोहल्ला निवासी धर्मवीर सिंह का पोता प्रिंस (4) गड्ढे के पास लगे सरकारी नल से पानी भर रहा था।
अचानक पैर फिसलने से वह गड्ढे में जा गिरा, इसमें वह घायल हो गया। बच्चे के रोने की आवाज सुन नागरिकों ने उसे किसी तरह गड्ढे से बाहर निकाला।
प्राचीन माता मोहल्ले में मौजूद दरगाह पर आए दिन दर्जनों लोग इलाज कराने पहुंचते हैं, लेकिन सड़क में गड्ढा होने के कारण उन्हें परेशानी हो रही है। दरगाह सज्जादा नसीम सूफी शाहिद ने बताया कि सोमवार को तो एक मरीज का यहां पैर भी मुड़ गया था।
मोहल्ला निवासी शमशुद्दीन ने बताया कि मकानों में दरार पड़ने का भय सफाई कर्मियों में भी है। यही कारण है कि बीते एक सप्ताह से मोहल्ले में सफाई भी नहीं हो सकी है। इससे नागरिकों को गंदगी से परेशानी हो रही है।
मोहल्ला निवासी सरोज का कहना है कि उनके घर के ऊपर तो छत भी नहीं है, तिरपाल से ही काम चलाना पड़ रहा है। आस-पास के मकानों में दरार आ चुकी है, बाहर नगर पालिका की टीम ने गड्ढा कर दिया है। ऐसे में वह रात में सो भी नहीं पा रही हैं।
मोहल्ला निवासी कौशल का कहना है कि बीते एक सप्ताह से दहशत में जी रहे हैं, पता नहीं कब मकान गिर जाएं। प्रशासन से कोई राहत नहीं मिल पा रही है, मकानों में दरारों की जांच भी नहीं हो रही है। इससे वह परेशान हैं।