गढ़मुक्तेश्वर। गांव बहादुरगढ़ शुक्रवार की देर रात एक बार फिर से दंगे की चपेट में आने से बच गया। पुलिस की मुस्तैदी के कारण बड़ी घटना होने से बच गई। दोनों समुदाय के सात लोगों को नामजद करते हुए पुलिस ने 12 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। वहीं, गांव में शांति व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
सीओ आशुतोष शिवम ने बताया कि बहादुरगढ़ थाने तैनात एसआई मनवीर सिंह शुक्रवार की शाम को क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि बहादुरगढ़ में बृहस्पतिवार को दो समुदाय के युवकों के बीच कहासुनी और शुक्रवार की सुबह को हुई मारपीट के बाद देर शाम को दोनों पक्षों के लोग एक बार फिर आमने-सामने आ गए। पुलिस मौके पर पहुंची तो, दोनों समुदाय के लोगों के बीच मारपीट हो रही थी। इस दौरान वहां पर लोगों में अफरा तफरी मच गई, जबकि दुकान और मकानों के दरवाजे बंद हो गए। सीओ ने बताया कि मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई, जिसके बाद गांव में शांति व्यवस्था को लेकर पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
एसआई की तहरीर पर दर्ज की गई रिपोर्ट
सीओ आशुतोष शिवम ने बताया कि एसआई मनवीर सिंह की तहरीर पर समीर, नाजिम, रहीश का बेटा, लक्ष्मण, मुकेश, मूले, मोंटी समेत 10 से 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। जिनमें से कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
- एएसपी और एडीएम ने किया दौरा
बहादुरगढ़ में दो समुदाय के बीच हुए संघर्ष के बाद शनिवार की दोपहर को एएसपी राजकुमार अग्रवाल और एडीएम संदीप कुमार ने गांव में पहुंच कर मामले की जांच करते हुए लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
- समीर की हालत गंभीर
संघर्ष में धारदार हथियार की चपेट में आने से घायल हुए समीर की हालत गंभीर बनी हुई है। हाथ में गंभीर चोट देखते हुए उसे मेरठ के लिए रेफर कर दिया गया था। जहां उसका निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
- दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
मामले की जांच कराई जा रही है। दोनों पक्षों के कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। - एएसपी राजकुमार अग्रवाल