हापुड़। दिल्ली रोड स्थित एसएसवी पीजी कॉलेज में एमकॉम को-आर विषय की कक्षाओं के संचालन को लेकर वाणिज्य संकाय के प्रभारी व प्राचार्य मंगलवार को आमने-सामने आ गए। प्राचार्य कक्ष से लेकर बाहर परिसर तक जमकर हंगामा हुआ। शिक्षक ने छात्रों को उनके खिलाफ भड़काने का आरोप लगाया, वहीं प्राचार्य ने जान बूझकर कक्षाएं न लेने की बात कही।
मंगलवार दोपहर वाणिज्य संकाय के प्रभारी प्रो.अजीत सिंह व प्रो.अखिल मित्तल प्राचार्य कक्ष पहुंचे। प्रो.अजीत सिंह ने कहा कि बीकॉम और एमकॉम की कक्षाएं चलाने के लिए पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं। हाल ही में तीन ट्यूटर रखे गए हैं, जिनके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं दी गई। उनसे क्या कार्य लिया जा रहा है, इसकी जानकारी भी नहीं है।
छात्रों को उनके खिलाफ भड़काने का प्रयास किया जा रहा है। मामला बढ़ता बढ़ने पर प्रो.अखिल मित्तल ने प्राचार्य से 12 पीरियड लेने का रजिस्टर दिखाने को भी कहा। इसी बीच अन्य कर्मचारियों ने भी अपने मुद्दे उठाने शुरू कर दिए। करीब आधा घंटा तक कॉलेज में हंगामा होता रहा। प्राचार्य कक्ष से बाहर आकर भी दोनों पक्षों के बीच जमकर कहासुनी हुई। कॉलेज में महाविद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता चल रही थी, हंगामा होता देख बड़ी संख्या में बाहर के कॉलेजों से आए छात्रों की भीड़ भी वहां जमा हो गई।
एक विभाग के शिक्षक को हुआ है पत्राचार, लटकी कार्रवाई की तलवार
कॉलेज के एक विभाग के शिक्षक को पठन पाठन के मामलों में पत्राचार हुआ है। प्राचार्य ने उक्त शिक्षक को तलब भी किया है। कुछ खामियां भी मिली हैं। हालांकि कॉलेज में इस तरह की कार्रवाई के बाद कक्षाओं का संचालन भी नियमित हुआ है।
एमकॉम को-आर की कक्षा चलाने का बनाया था रोस्टर, इसी का कर रहे विरोध
वाणिज्य संकाय में शिक्षकों की कोई खास कमी नहीं है। एमकॉम को-आर विषय की रोस्टर के अनुसार कक्षाएं चलाने के निर्देश तीन शिक्षकों को दिए थे। इसी का विरोध कर रहे हैं। जिसका असर शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है। सभी शिक्षकों को कक्षाएं नियमित रूप से लेनी पड़ेंगी। अभद्रता के खिलाफ भी उचित कार्रवाई होगी। प्रबंध समिति के प्रयास से ट्यूटर की व्यवस्था भी कराई गई है। - प्रो.नवीन चंद्र, प्राचार्य एसएसवी पीजी कॉलेज।
जान बूझकर किया जा रहा परेशान-
कक्षाओं के संचालन को लेकर पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं, जो ट्यूटर रखे गए हैं, उनसे भी प्राचार्य अपने अनुरूप कार्य कराते हैं। छात्रों को उनके खिलाफ भड़काया जाता है। अपनी बात रखने प्राचार्य कार्यालय गए थे, कोई अभद्रता नहीं की है। - प्रो.अजीत सिंह, प्रभारी, वाणिज्य संकाय।