दवाओं से जुड़ी किट वितरित करते अधिकारी
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आशा और संगिनी कार्यकत्रियां अब गर्भवती महिलाओं को और नवजात बच्चों की देखभाल करेंगी। सेहत महकमे ने इन्हें जरूरी दवाओं से जुड़ी किट मुहैया करा दी है। समय पर इलाज न मिलने से साधारण बीमारियों से होने वाली मौतों की रोकथाम के लिए
शासन की हिदायत पर सेहत महकमे ने आशा और संगिनी कार्यकत्रियों को नवजात बच्चों और गर्भवती महिलाओं की देखभाल करेंगी। इसके तहत बृहस्पतिवार को गढ़ सीएचसी में कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी शैलेंद्र कुमार, डॉ.सुनील तेवतिया और विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि अफजाल अहमद ने आशा और संगिनियों को किटों का वितरण कर नवजात बच्चों समेत गर्भवती महिलाओं की सेहत की देखभाल और साधारण बीमारी होने पर दवाएं देने के विषय में विस्तार से जानकारी दी।
स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी ने बताया कि गढ़ ब्लॉक क्षेत्र में आशा और संगिनी कार्यकत्रियों की कुल संख्या 157 है। इन्हें जरूरी दवाओं की किट उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित आशा को सरकारी अस्पताल में प्रसव होने पर महिला के घर एक सप्ताह के अंतराल से 6 बार विजिट कर
उसकी और नवजात की सेहत की जांच पड़ताल करने के साथ ही जरूरत पड़ने पर उसे तत्काल सरकारी अस्पताल में लेकर आना होगा। जिन महिलाओं का प्रसव सरकारी अस्पताल में नहीं हो पाता है, तो उनके घर पर सात सप्ताह तक जाकर महिला और उसके नवजात बच्चे की सेहत की जांच करनी होगी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रतिनिधि अफजाल अहमद ने बताया कि गर्मी और बरसात के मौसम में उल्टी-दस्त होने से डिहाइड्रेशन होने से बच्चों की सर्वाधिक मौत होती है। इसकी रोकथाम के लिए सेहत महकमे ने देहात अंचल से जुड़ीं संगिनी कार्यकत्रियों को जीवन रक्षक घोल के साथ ही जरूरी दवाएं मुहैया कराई हैं।