बीमारी के कारण काफी समय से अनुपस्थित रहे छात्र को मेरठ रोड स्थित एक पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या ने सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में नहीं बैठने दिया।
छात्र का भविष्य खराब होने पर भड़के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने शिक्षकों पर छात्र से गाली गलौच कर उसका भविष्य खराब करने का आरोप लगाया है। परिजनों मामले में डीएम से शिकायत करने की बात कही है।
मोहल्ला शिवपुरी निवासी प्रदीप गर्ग का पुत्र ऋषभ गर्ग मेरठ रोड स्थित एक पब्लिक स्कूल में इंटरमीडिएट का छात्र है। बीमारी के कारण इस साल वह स्कूल में बहुत कम जा सका था।
हालांकि बोर्ड की ओर से आयोजित प्रयोगात्मक परीक्षा उसने दी थी। छात्र का आरोप है कि परीक्षा शुरू होने से पूर्व जब वह अपना प्रवेश पत्र लेने स्कूल पहुंचा तो प्रधानाचार्या ने उसे प्रवेश पत्र देने से इंकार कर दिया था।
मंगलवार को फिर भी वह सीबीएसई बोर्ड इंटरमीडिएट की अंग्रेजी की परीक्षा देने पहुंचा तो शिक्षकों ने उससे गाली गलौच की और कक्ष में प्रवेश नहीं दिया।
इस वजह से उसकी परीक्षा छूट गई। इस बात का पता चलने पर परिजन स्कूल पहुंचे और शिक्षकों पर छात्र से गाली गलौच का आरोप लगा हंगामा किया।
प्रदीप गर्ग का कहना था कि यदि बोर्ड ने उनके पुत्र को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी तो उसका अनुक्रमांक कैसे जारी कर दिया गया। प्रयोगात्मक परीक्षाओं में उनके पुत्र को कैसे शामिल किया गया।
प्रधानाचार्या सुनीता बदानी का कहना है कि सीबीएसई ने 60 फीसदी उपस्थिति वाले छात्रों को ही परीक्षा में शामिल करने की अनुमति दी है। ऋषभ गर्ग की उपस्थिति सिर्फ 9 फीसदी थी।
बोर्ड ने उक्त छात्र को परीक्षा में न बैठने का आदेश किया था। उन्होंने अपने स्तर से उसे परीक्षा देने से नहीं रोका है। गाली गलौच के आरोप बेबुनियाद हैं।