पावर कारपोरेशन द्वारा मांगी जा रही एडवांस सिक्योरिटी पर उद्यमियों द्वारा लिए गए स्टे को उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है। उद्यमी अब सुप्रीम कोर्ट में जाने की तैयारी कर रहे हैं।
पावर कारपोरेशन द्वारा उद्यमियों से दो माह के बिल के सापेक्ष एडवांस सिक्योरिटी मांगी जा रही थी। इसके विरोध में उद्यमी पांच वर्ष पहले हाई कोर्ट गए थे। इनके अधिवक्ताओं ने कोर्ट में दलील दी थी कि एडवांस सिक्योरिटी लेना उद्यमियों का उत्पीड़न करना है।
उद्यमी समय पर अपना बिजली बिल जमा करते हैं। इसके अलावा उद्यमियों के यहां प्रीपेड मीटर लगाने का विकल्प भी सुझाया गया। उस समय हाई कोर्ट से उन्हें स्टे मिल गया था। लेकिन लंबी सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने उद्यमियों की मांग को खारिज कर दिया है।
आईआईए मंडल उद्योग चेयरमैन व हापुड़ स्माल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सचिव अमन गुप्ता ने बताया कि गुरुवार को ही स्टे खारिज हो गया था। ऐसे उद्यमी भी हैं जिनके वर्षों पुराने कनेक्शन है।
अगर सिक्योरिटी जमा करनी पड़ी तो यह धनराशि करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। इस स्थिति से उद्योग बंदी की कगार पर पहुंच जाएंगे। इस संबंध में बैठक आयोजित कर निर्णय लिया गया कि इस मामले को अब सुप्रीम कोर्ट में लड़ा जाएगा।