मांगों को लेकर सोमवार को राजकीय वाहन चालक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए। इससे राजकीय अफसरों को निरीक्षण आदि में समस्या का सामना करना पड़ा। कार्यालय आने के लिए भी उन्हें किराए पर चालक का इंतजाम करना पड़ा। हालांकि डीएम की गाड़ी को इस हड़ताल से मुक्त रखा गया।
राजकीय वाहन चालक महासंघ के संरक्षक आमेंद्र कुमार चौहान ने बताया कि वह सरकार के समक्ष राजकीय वाहन चालकों का ग्रेड वेतन 1900 के स्थान पर 2000 करने, मानदेय में डीए जोड़कर दिया जाए, 4600 ग्रेड पे में प्रतिशत समाप्त किया जाए आदि मांगें उठा रहे हैं।
सरकार ने आश्वासन के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया है। इसके विरोध में वह हड़ताल पर चले गए हैं। सोमवार को राजकीय चालकों की हड़ताल के कारण अफसरों को अपने दफ्तर आना भी मुश्किल हो गया।
मजबूरी में किराए पर चालक का इंतजाम कर वह अपने कार्यालय पहुंचे। निरीक्षण करने वाले अफसरों को भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। संजीव कुमार ने बताया कि उनकी यह हड़ताल अनिश्चितकालीन है।
जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हो जाता वह राजकीय अफसरों की गाड़ी नहीं चलायेंगे। इस दौरान चालकों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर, डीएम को ज्ञापन भी सौंपा।
इस मौके पर पदम सिंह, राजमणि तिवारी, कंछिद लाल नानक चंद, मनोज कुमार शुक्ला, राकेश कुमार, सुशील कुमार, चमन सिंह, संजीव कुमार, मुमत्याज अली, गजराज सिंह, योगेंद्र चौहान मौजूद रहे।