कोठीगेट स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय पर बीते दिनों गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद स्टाफ नर्स के साथ परिजनों द्वारा की गई हाथापाई के विरोध व गिरफ्तारी की मांग को लेकर मंगलवार को जिलेभर की स्टाफ नर्स हड़ताल पर रहीं।
प्रसव कराने पहुंची गर्भवतियों को सरकारी अस्पतालों से मायूस होकर लौटना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने मांग पूरी न होने तक हड़ताल जारी रखने की बात कही है। बता दें कि, बीते दिनों कोठीगेट स्थित पीएचसी पर एक स्थानीय गर्भवती प्रसव कराने पहुंची थी।
उसके बच्चे की गर्भ में ही मौत हो गई थी। परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर रिश्वत मांगने और लापरवाही बरतने का आरोप लगा स्टाफ नर्सों के साथ मारपीट की थी। एक स्टॉफ नर्स ने तो मारपीट के दौरान उसका गर्भ गिर जाने की भी शिकायत सीएमओ से की थी।
मामले की गंभीरता पर स्वास्थ्य अफसरों ने मारपीट करने वालों के खिलाफ तहरीर दी थी। कार्रवाई न होने पर मंगलवार को स्टॉफ नर्सों का गुस्सा फूट पड़ा। स्टॉफ नर्सों ने सीएमओ कार्यालय पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दिया।
कार्य बहिष्कार के चलते सरकारी अस्पतालों पर प्रसव भी नहीं हो सके। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। स्टाफ नर्सों का कहना था कि जब तक मारपीट करने वालों की गिरफ्तारी नहीं होगी। वह काम पर नहीं लौटेंगी, हड़ताल जारी रहेगी।
वहीं, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके सिंह ने बताया कि मारपीट करने वालों के खिलाफ थाने में तहरीर दी जा चुकी है। स्वास्थ्य कर्मियों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस दौरान सुशीला रानी, मंजीत कौर, अंजुला, सोमता प्रसाद, मेविस, मोनिका त्यागी, रजनी, मंजु सिंह, रेश्मा, नीलम सिंह मौजूद रहीं।