हापुड़। थाना देहात क्षेत्र के गांव निवासी किशोरी ने छेड़छाड़ से आहत होकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में लापरवाही बरतने पर थाना देहात प्रभारी विजय कुमार गुप्ता और साइलो द्वितीय चौकी प्रभारी जसवंत सिंह को एसपी ज्ञानंजय सिंह ने निलंबित कर दिया है। आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने मामले में न तो त्वरित कार्रवाई की और न ही उच्चाधिकारियों को अवगत कराया।
एसपी ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि तीन अक्तूबर को डायल 112 पर सूचना प्राप्त हुई थी कि एक गांव में किशोरी ने फंदा लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। जिसके परिजन किशोरी को अस्पताल लेकर गए हैं। सूचना पर साईलो द्वितीय चौकी प्रभारी जसवंत सिंह अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन चौकी प्रभारी व थाना प्रभारी ने घटना के संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचित नहीं किया था। इसके अलावा प्रकरण में तहरीर लेकर रिपोर्ट तो दर्ज की गई, लेकिन इसमें चार दिन का विलंब हुआ और साथ ही पुलिस की छवि भी धूमिल हुई।
ये था मामला -
मृतका की मां ने आरोप लगाए थे कि उनके पड़ोस में रहने वाला इंद्रपाल मेरठ रोड स्थित दिवान इंटर कालेज में हेड क्लर्क है और अक्सर उनके घर दूध लेने आता था। तीन अक्तूबर की सुबह वह अपनी बड़ी पुत्री के साथ पशुओं का चारा लेने जंगल में गई थी। उनकी छोटी पुत्री घर पर अकेली थी। इसी बीच आरोपी इंद्रपाल पुत्री को अकेली देखकर जबरन उनके घर में घुस आया। आरोपी ने उनकी पुत्री के साथ छेड़छाड़ की। इसी दिन उनकी पुत्री ने आहत होकर पंखे पर फंदे से लटककर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। उन्होंने उसे मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया था। इसके बाद सात अक्तूबर को आरोपी के खिलाफ थाने में तहरीर दी थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया था, लेकिन 17 अक्तूबर को आरोपी जेल से जमानत पर रिहा हो गया। जबकि 20 उनकी पुत्री की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने मृतका की मौत के बाद इस मामले में अन्य कार्रवाई नहीं की।
मात्र छेड़छाड़ की धाराओं में दर्ज किया था मुकदमा
मृतका की मां ने बताया कि उनकी पुत्री पांच बहन व दो भाइयों में पांचवें नंबर की थी और हाईस्कूल पास थी। कक्षा 11 में प्राइवेट दाखिला लेने की तैयारी कर रही थी। नगर के इंटर कॉलेज में हेडक्लर्क हाेने के कारण आरोपी इंद्रपाल ने उनकी पुत्री का आधार कार्ड अपने पास रखा हुआ था। आरोपी उनकी पुत्री को किसी कॉलेज में प्राइवेट में दाखिला दिलाने की बात करता था। आरोपी की नजर उनकी पुत्री पर काफी दिनों से थी। लेकिन उसकी हरकत के बाद पीड़िता आत्महत्या करने को मजबूर हो गई। आरोप है कि पीड़िता की मौत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की। वह जेल से रिहा होकर बाहर घूम रहा था और पीड़ित पक्ष को धमका रहा था। सीओ वरुण मिश्रा ने बताया कि आरोपी इंद्रपाल को किशोरी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा तरमीम कर गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को जेल भेजा जा रहा है।