गढ़मुक्तेश्वर। बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव सदरपुर के ग्रामीण सांप के हमले से परेशान हैं। जिनकी दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। वन विभाग और एनजीओ भी जहरीले सांप को नहीं पकड़ सकी है। जिसके बाद अब ग्रामीणों ने पूजा पाठ का सहारा लिया है। वहीं ग्रामीण रात को खुले आसमान के नीचे सो रहे हैं।
20 अक्तूबर की रात सदरपुर में सांप ने मजदूर रिंकू की पत्नी पूनम, बेटी साक्षी, बेटी कनिष्क को डस लिया था, जिनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। उसके बाद दंपती व महिला को भी सांप ने डसा, जिससे ग्रामीणों की दहशत गढ़ गई। कई ग्रामीण अपने घरों में ताला लगाकर रिश्तेदारी में चले गए, वहीं गांव में लोग अपने घरों के बजाए बच्चों को लेकर खुले आसमान के नीचे सोने लगे। हालांकि वन विभाग और गांव में पहुंची एनजीओ की टीम ने चार सांप पकड़े, लेकिन वह जहरीले नहीं थे। वन विभाग और प्रशासन लोगों को सांप के हमले से बचने के लिए जागरूक भी कर रहा है।
सोमवार को चामुंडा मंदिर में पंडित विद्याकांत तिवारी द्वारा किए गए मंत्रोच्चारण के बीच ग्रामीणों ने हवन में आहुति दीं। जिन्होंने सांप के आतंक से निजात दिलाने की मन्नत मांगी। वन क्षेत्राधिकारी करन सिंह ने बताया कि सांप को पकड़ने के लिए लगातार विभागीय टीम अभियान चला रही है। जल्द ही सांप को पकड़ लिया जाएगा।