हापुड़। जनपद में प्रदूषण का स्तर कम नहीं हो रहा है। शुक्रवार सुबह कोहरा और उसके बाद स्मॉग की चादर से आसमान ढका रहा। इसके कारण प्रदूषण बहुत खराब श्रेणी में बना हुआ है। शुक्रवार को अधिकतम एक्यूआई 367 दर्ज किया गया। इसके कारण सांस और आंखों की बीमारियों की मरीजों की संख्या दोगुना हो गई है।
बुधवार की रात सीजन का सबसे अधिक एक्यूआई 382 अंक दर्ज हुआ था। इसके बाद बृहस्पतिवार को दिनभर करीब 350 के आसपास एक्यूआई रहा। लोगों को उम्मीद थी कि शुक्रवार को सुधार होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एक्यूआई बढ़कर 367 अंक पर पहुंच गया। वहीं, सुबह के समय कोहरा और उसके बाद दिनभर स्मॉग का असर दिखाई दिया। प्रदूषण के कारण पार्कों में सुबह व शाम के समय टहलने वालों की संख्या आधी रह गई है। पार्कों में आने वाले बुजुर्गों की संख्या करीब 20 प्रतिशत ही रह गई है। शुक्रवार को जिला अस्पताल और सीएचसी में आंखों के 110 और सांस के 105 रोगी जांच कराने पहुंचे।
ग्रैप के नियमों का नहीं हो रहा पालन
जिले में ग्रैप का दूसरा चरण लागू हुए लगभग 20 दिन बीत चुके हैं, इसके बावजूद कोई पाबंदी नजर नहीं आ रही है। जगह-जगह खेतों में फसल अवशेष और सड़कों पर कूड़ा जलाया जा रहा है। जो अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है। नगर पालिका द्वारा सड़कों पर पानी का छिड़काव न कराना बड़े सवाल खड़ा करता है। जिसके कारण जनपद में प्रदूषण की स्थिति खराब होती जा रही है।
जनपद में एक्यूआई की स्थिति
समय
एक्यूआई
रात एक बजे
333
तीन बजे
335
सुबह पांच बजे
339
सात बजे
352
नौ बजे
359
11 बजे
367
दोपहर एक बजे
369
तीन बजे
362
शाम पांच बजे
349
नोट - यह आंकड़ें प्रदूषण नियंत्रण विभाग की वेबसाइट से लिए गए हैं।
कोट -
फसल अवशेष जलने के मामलों की जानकारी नहीं है। कहीं पर फसल अवशेष जलाए जा रहे हैं तो फिर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- संदीप कुमार, एडीएम