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सिंभावली शुगर मिल की कोठी-गोदाम सब सील

Wed, 20 Jan 2016 10:25 PM IST
अमर उजाला, गढ़
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किसानों का बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं करने पर तहसील प्रशासन ने बुधवार शाम को सिंभावली शुगर मिल पर बड़ी कार्रवाई की।
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तहसील प्रशासन ने कोठी और गेस्ट हाउस समेत पांच लाख क्विंटल चीनी से भरे 6 गोदाम भी सील कर दिए हैं। 9 जनवरी को प्रशासन ने दो लाख 975 क्विंटल शीरा, 1.55 लाख 21 बोरा चीनी सील कर दी थी।

पेराई सत्र 2014-15 में सिंभावली शुगर मिल ने जो गन्ना खरीदा था, उसमें अभी तक किसानों को 77 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं मिला है।

हाईकोर्ट ने बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए जो फॉर्मूला निर्धारित किया था, उसके तहत चीनी बिक्री से आने वाली रकम का 85 फीसदी हिस्सा किसानों के बकाया गन्ना मूल्य खाते में भेजा जाना था।
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इसको लेकर जिला प्रशासन ने टैंगिंग खाता भी खुलवाया है। परंतु इसके बाद भी भुगतान न होने पर तहसील प्रशासन द्वारा पिछले साल शुगर मिल के विरुद्ध आरसी जारी कर दी थी।

इतना सब होने के बाद भी मिल प्रबंधन गन्ना मूल्य का भुगतान करने को तैयार नहीं है। इसी क्रम में बुधवार देर शाम को एसडीएम केबी सिंह के नेतृत्व में तहसीलदार भगत सिंह के नेतृत्व में टीम मिल परिसर में पहुंची।

टीम ने मिल मालिक की कोठी और गेस्ट हाउस पर सील लगा दी है, जबकि शुगर मिल के स्वामित्व से जुड़ी करीब 54 हेक्टेयर कृषि भूमि को नॉन पेमेंट के मामले में कुर्क करने की कार्रवाई की।

इसके अलावा टीम ने मिल परिसर में 6 गोदाम और उसमें रखी करीब पांच लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक भी सील कर दिया है।

एसडीएम केबी सिंह ने बताया कि किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न होने पर शुगर मिल के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। यह पेमेंट की अदायगी होने तक निरंतर जारी रहेगा।
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गन्ना समिति सचिव राजीव सेठ का कहना है कि शुगर मिल प्रबंधन हाईकोर्ट के साथ ही जिला प्रशासन के टैंगिंग आदेशों की भी खुली अनदेखी करता आ रहा है।

इससे अपने ही गन्ने का पेमेंट न मिल पाने से किसानों में तेजी से बढ़ रहा रोष लोकशांति के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसलिए शुगर मिल प्रबंधन के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।
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