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Hapur News: बैंक लूट के मामले दो दोषियों को सात-सात वर्ष की सजा

Wed, 09 Oct 2024 10:01 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
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हापुड़। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय ने वर्ष 2014 में बैंक में हुई लूट के मामले में मंगलवार को निर्णय सुनाया। न्यायाधीश ने मामले दो आरोपी को दोषी करार देते हुए सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों पर तीस-तीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में चार आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है।
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शाखा प्रबंधक अनिल कुमार ने धौलाना थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि 18 सितंबर 2014 को बैंक मुख्यालय गाजियाबाद से कैश के वाहन से कैशियर अरुण कुमार, बैंक गार्ड शिवप्रसाद तथा बैंक के सहयोगी मतेशपाल भारतीय स्टेट बैंक का 90 लाख रुपये लेकर रवाना हुए थे। उक्त धनराशि बैंक की चार शाखा दादरी को तीस लाख, धौलाना को तीस लाख, गोविंदपुरी को बीस लाख व सुराना शाखा को दस लाख रुपये देने थे।

बैंक की तीन शाखाओं पर उक्त धनराशि देकर, बैंक कर्मचारी शेष धनराशि लेकर बैंक की शाखा धौलाना पर लगभग दोपहर साढ़े बारह बजे पहुंचे। जहां पर बैंक मुख्यालय के कैशियर अरुण कुमार, सुरक्षा गार्ड शिव प्रसाद व सहयोगी मितेशपाल द्वारा धनराशि का बक्सा गाड़ी से उतार कर बैंक शाखा के भवन के अंदर लाया गया। जिसमें से धौलाना शाखा के लिए लाए गए तीस लाख रुपये शाखा के कैशियर रघुनाथ व शाखा प्रबंधक अनिल कुमार द्वारा प्राप्त करते हुए शाखा की तिजोरी में रखवाने लगे।
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तभी अचानक बदमाशों ने बैंक पर धावा बोलकर दिया और बैंक मुख्यालय के गार्ड की बंदूक व कारतूस लूटते हुए बैंक कर्मचारियों को बंधक बना लिया। बदमाशों ने बक्से में रखे तीस लाख रुपये व बैंक शाखा का 34,81,920 लाख रुपये भी लूट लिया।

मुकदमे की सुनाई करते हुए अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय कोर्ट में चल रही थी। न्यायाधीश ज्ञानेंद्र सिंह यादव ने मामले के आरोपी रामकुमार व कादिर को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों दोषियों पर तीस -तीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर दोषियों दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं, मामले के अन्य चार आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने बरी कर दिया।
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