बिजली निगम के मीटर विभाग में उपभोक्ताओं का शोषण जारी है। इस बार एई मीटर द्वारा उपभोक्ता को बिना मौके पर बुलाए उसका मीटर टैंपर्ड करने का मामला प्रकाश में आया है।
आश्चर्य की बात यह है कि सिलिंग पर मीटर की सील ओके दर्शायी गई है, जो संबंधित अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाती है। बहरहाल इस मामले की शिकायत पीड़ित उपभोक्ता ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर की है।
नगर के मोहल्ला बुर्ज निवासी महेशचंद गोयल ने बताया कि 15 अप्रैल 2017 को उसके निवास पर नया मीटर लगाया गया था। पुराने मीटर को एई मीटर ने टैंपर्ड घोषित कर दिया। मीटर की जांच के दौरान उसे बुलाया ही नहीं गया।
नियमानुसार मीटर की जांच के दौरान उपभोक्ता को बुलाकर उसके सामने पूरी जांच की जाती है। पीड़ित ने बताया कि सिलिंग पर मीटर की सील को ओके दर्शाया गया है। आश्चर्य की बात यह है कि मीटर की सील ओके होने पर आखिरकार मीटर टैंपर्ड कैसे हो सकता है।
बहरहाल इस मामले के खुलासे से एक ओर भ्रष्टाचार का मामला सामने आ गया है। कुल मिलाकर इन दिनों बिजली निगम का मीटर विभाग छवि को धुमिल कर रहा है। पीड़ित उपभोक्ता ने पूरे प्रकरण की शिकायत मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जांच की मांग की है।
तीन दिन पहले नगर के शिवपुरी निवासी आकाश ने भी एई मीटर द्वारा सिलिंग रिपोर्ट पर टैंपर्ड से पूर्व नोट शब्द लिखकर मीटर को ओके दर्शा देने की शिकायत की गई थी।
हालांकि इस मामले की जांच जारी है। एई मीटर योगेंद्र कुमार का कहना है कि डिक्लेयर टीम की उपस्थिति में ही मीटर को टैंपर्ड घोषित किया गया था। लगाए गए आरोप निराधार हैं।