कैंसर के कहर से जूझ रहे अल्लाबख्शपुर गांव में शुक्रवार को आखिरकार प्रशासनिक टीम पहुंच ही गई। एसडीएम मीनू राणा ने गांव का दौरा कर बीमारी की वजह जानने की कोशिश की।
उन्होंने गांव का पानी जांच के लिए भिजवाया और आबादी के बीच से कूड़ा व डंपिंग ग्राउंड हटवाने के कड़े निर्देश दिए। वहीं पिलखुवा से पहुंची निजी मेडिकल कॉलेज की टीम ने मरीजों की जांच की। बताया कि 90 फीसदी लोग लीवर संबंधी बीमारी से पीड़ित मिले हैं।
अल्लाबख्शपुर गांव में बीते पांच सप्ताह में 14 लोगों की कैंसर से मौत हो चुकी है। गांव सहित इस पूरे क्षेत्र में कैंसर की रोकथाम के लिए अमर उजाला ने मुहिम चलाई हुई है। इसे संज्ञान में लेते हुए शुक्रवार को गांव में एसडीएम मीनू राणा पहुंचीं।
उन्होंने गांव में साफ-सफाई के साथ ही आबादी के बीच गंदे पानी की निकासी का निरीक्षण किया और बीमारी की गिरफ्त में फंसे शमशाद, उस्मान, मरगूब, नरेश, अफसाना और खलील के परिजनों से बातचीत भी की।
उन्होंने परिजनों को सरकारी स्तर से इलाज में हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिया। एसडीएम ने बताया कि गांव से पानी के नमूने जांच के लिए भिजवाए गए हैं। रिपोर्ट में दूषित जल की पुष्टि होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने ग्राम पंचायत को अपने बजट से सार्वजनिक स्थानों पर डस्टबिन रखवाने और सफाई पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया। इस दौरान प्रधान पति फराहीम हारून, आस मुहम्मद चौधरी, पूर्व उप प्रमुख नजर मुहम्मद, इसहाक, हाजी वसीयत ने गांव का पानी दूषित होने का हवाला देकर टंकी का निर्माण कराने की मांग की।
एसडीएम ने तल्ख लहजे में कहा कि आबादी के बीच कूड़ा डालना बीमारियों की अहम वजह है, इसलिए आबादी में कोई भी कूड़ा नहीं डालने दिया जाएगा। वर्तमान में जो कूड़ी पड़ी हैं, उनके मालिकों को नोटिस जारी किया जाएगा। भी लापरवाही होने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आरिफ सैफी, इस्लाम चौधरी, महावीर, कमल, राजबीर, हनीफ खां ने हाइवे पार गंगा के सामने कूड़ा करकट का डंपिंग ग्राउंड बनाए जाने से हर समय दुर्गंध उठने के साथ ही मच्छर-मक्खियों का प्रकोप बढ़ने से बीमारी फैलने की शिकायत की।
इस पर एसडीएम ने भरोसा दिलाया कि पालिका प्रशासन से वार्ता करने के बाद डंपिंग ग्राउंड को आबादी के बाहर कराया जाएगा।
पिलखुवा के प्राइवेट जीएस मेडिकल कॉलेज की सात सदस्यीय टीम शुक्रवार को गांव पहुंची और कैंप लगाकर विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीजों का परीक्षण कर दवाएं वितरित कीं। इसके अलावा घर पहुंचकर कैंसर से पीड़ित मरीजों का हालचाल भी जाना।
डॉ. एमए खान ने बताया कि शुक्रवार को जिन मरीजों का परीक्षण किया गया, उनमें से 90 फीसदी मरीज लीवर संबंधी बीमारियों से पीड़ित पाए गए हैं। शनिवार को भी गांव में कैंप लगाया जाएगा।
डीएम ने सेहत महकमे को गांव में टीम भेजकर बीमारी फैलने की असल वजह की जांच पड़ताल और मरीजों का परीक्षण कर उन्हें जरूरी दवाओं का वितरण करने का आदेश दिया है। एसडीएम ने बताया कि शनिवार को टीम गांव में आएगी।