हापुड़। खाद्य आपूर्ति एवं औषधि विभाग के द्वारा लिए गए दूध, दही और पनीर समेत अन्य खाद्य पदार्थों के नमूनों में मिलावट मिली है। एडीएम न्यायालय में 18 मामलों में वादों का निस्तारण करते हुए अब 3.75 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इनमें वह प्रतिष्ठान भी शामिल है, जिसका घेवर खाकर हापुड़ और मेरठ के 40 से अधिक लोग बीमार हो गए थे।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग ने जून, जुलाई और अगस्त में छापा मारकर नमूने लिए थे। इनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद एडीएम न्यायालय में संबंधित के विरुद्ध वाद दायर किए गए। इस मामले में अब जुर्माने की कार्रवाई हुई है।
इसमें बंसल डेयरी आंबेडकर मूर्ति के सामने बाबूगढ़ के यहां से पनीर के नमूने पर 20 हजार, फ्री गंज रोड स्थित शिवा फूड कोर्ट की सोयाचाप के नमूने पर 20 हजार, गांव अटूटा स्थित धर्म प्रकाश गुप्ता के यहां से रसगुल्ला पर 25 हजार, पक्का बाग पर रतनलाल स्वीट्स की खोया बर्फी पर 25 हजार, गांव मुदाफरा बागड़पुर स्थित दयाचंद के यहां से मिश्रित दूध व बिना खाद्य पंजीकरण पर 20 हजार, पक्का बाग चौपला पर राजेश मिष्ठान भंडार की बर्फी पर 20 हजार, केशव नगर में विनोद मधुबन बड़ा की दही पर 20 हजार, बुलंदशहर रोड पर अल शान चिकन महल फैमिली रेस्तरां की लौंग पर 25 हजार, धौलाना के ग्राम लालपुर में इस्तेकार के यहां से खोया पर 25 हजार व जाकिर के यहां खोया पर 25 हजार का जुर्माना लगा। पिलखुवा में शांति किराना स्टोर बस स्टैंड पर अरहर की दाल पर 25 हजार, गांव इकलेडी में मुनेंद्र के यहां से मिश्रित दूध पर 25 हजार, गांव फतेहपुर में अंकुर मावी के यहां से मिश्रित दूध पर 25 हजार, हाईवे 9 पर गढ़ रोड बाबूगढ़ स्थित बिस्मिल्लाह ढाबा की पिसी लाल मार्च पाउडर पर 25 हजार, तहसील चौपला पर न्यू सूरी स्वीट्स की गुजिया पर 10 हजार और गांव अचपलगढ़ी में सचिन के यहां के मिश्रित दूध पर 10 हजार का जुर्माना लगाया गया है।
हापुड़ स्वीट्स पर लगा 30 हजार का जुर्माना
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने शिकायत पर पुराना बाजार स्थित हापुड़ स्वीट्स से घेवर और छैना रसगुल्ला का नमूना लिया था। इस दुकान का घेवर खाकर मेरठ, गाजियाबाद के मूसरी और हापुड़ निवासी करीब 40 लोग बीमार पड़ गए थे।
हाईवे 9 पर नानवेज खाना मिला असुरक्षित
टीम ने नेशनल हाईवे पर सरूरपुर बक्सर स्थित बिस्मिल्लाह टूरिस्ट ढाबा से तैयार कोरमा का नमूना लिया था। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त के निर्देश पर अगस्त माह में कार्रवाई की गई थी। इस नमूने की जांच रिपोर्ट भी असुरक्षित आई है। इस मामले में वाद दायर करते हुए अग्रिम कार्रवाई शुरू की गई है।
कोट -
शिकायत मिलने पर विभाग लगातार कार्रवाई करते हुए नमूने ले रहा है। नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद न्यायालय में वाद दायर किया जाता है। जहां प्रभावी पैरवी के बाद यह जुर्माने की कार्रवाई हुई हैं।
- सुनील कुमार, सहायक आयुक्त द्वितीय, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग