गढ़मुक्तेश्वर। बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र में साधु की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव सड़क किनारे पड़ा मिला। पलवाड़ा से बहादुरगढ़ जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे साधु का शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक के शरीर पर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस वाहन की टक्कर से मौत होने की संभावना जता रही है।
पुलिस के अनुसार रविवार सुबह राहगीरों ने सड़क किनारे लगभग 70 वर्षीय साधु का शव पड़ा देखा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव की पहचान कराने का प्रयास किया। जांच के दौरान मृतक की कमर और सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए। पुलिस का मानना है कि किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आने से साधु की मौत हुई हो सकती है।
ग्रामीणों ने बताया गया है कि साधु पिछले करीब छह वर्षों से बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर रुस्तमपुर में रह रहे थे। साधु तमिल भाषा में बात करते थे। ऐसे में उनके नाम और स्थायी पते की जानकारी किसी को नहीं थी। वह गांव में साधु के रूप में ही जाने जाते थे और लंबे समय से वहीं निवास कर रहे थे। घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर एकत्र हो गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
सीओ स्तुति सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत होने की संभावना को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।