एचपीडीए की ओर से लाखों रुपये की लागत से बनवाई गई इंटरलॉकिंग सड़क बारिश में बह गई। इसके चलते कई मकानों पर खतरा मंडराने से गुस्साए लोगों ने विरोध में प्रदर्शन किया।
बता दें कि सीवर लाइन की खुदाई में गढ़ के मुख्य बाजार समेत तारगली और पालिका कार्यालय के सामने वाली सड़क बुरी तरह जर्जर हो गई थी। इससे रास्तों पर पैदल चल पाना भी मुश्किल था।
लोगों की दिक्कत को देखते हुए प्रदेश के मनोरंजन कर मंत्री मदन चौहान ने एचपीडीए से सड़क बनवाने की सिफारिश की थी। जिनके प्रस्ताव पर एचपीडीए ठेकेदार द्वारा 49.75 लाख की लागत में बनाई गई सड़क पहली बारिश तो झेल गई, परंतु दूसरी बारिश में जवाब देकर उसका काफी हिस्सा पानी में बह गया।
मैन बाजार से शहर काजी की हवेली के सामने से होकर पालिका दफ्तर को जा रही सड़क में पूर्व पालिका सदस्य जमील मजहर और यूसुफ दर्जी के घर के सामने इंटरलॉकिंग टाइल्स पानी में बहने से सड़क गहरे गड्ढे में तब्दील हो गई है,
जिससे आसपास के कई घरों को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इसके बाद भी संबंधित ठेकेदार मरम्मत कराने को तैयार नहीं है। आसिफ, बदरुद्दीन दानिश, इमरान मलिक, यूसुफ खां, वाहिद खां, मुशर्रफ चौधरी, पप्पू खान,
फखरू ने दूसरी बारिश में ही सड़क बहने के विरोध में प्रदर्शन कर जांच और कार्रवाई न होने पर एचपीडीए कार्यालय का घेराव कर बेमियादी धरने पर बैठने की चेतावनी दी है।
एचपीडीए जेई अनिल कछाड़िया का कहना है कि उन्होंने मौके पर जांच पड़ताल की है, जिसमें नवनिर्मित सड़क कई स्थानों पर बुरी तरह टूट फूटने के साथ ही पानी में मीटर इंटर लॉकिंग टाइल्स भी बह गई हैं। इसलिए ठेकेदार को सड़क की सही ढंग में मरम्मत कराने की हिदायत दी गई है और इसी के बाद पेमेंट की संस्तुति की जाएगी।