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हापुड़ में नकली खाद फैक्टरी पर छापा: 110 कट्टे पोटाश और डीएपी बरामद, फरार आरोपियों की तलाश; देखें वीडियो

Sat, 03 Oct 2026 06:58 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, हापुड़

सार

हापुड़ में रामपुर रोड पर शनिवार शाम कृषि विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की। टीम ने एक फैक्टरी पर छापा मारा, जहां नकली पोटाश और डीएपी बनाने का अवैध कारोबार चल रहा था। 
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फर्जी खाद फैक्टरी में छापा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हापुड़ में रामपुर रोड पर शनिवार शाम कृषि विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की। टीम ने एक फैक्टरी पर छापा मारा, जहां नकली पोटाश और डीएपी बनाने का अवैध कारोबार चल रहा था। इस छापेमारी के दौरान मौके से 90 कट्टे नकली पोटाश और 20 कट्टे नकली डीएपी बरामद किए गए।

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अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही इस अवैध गतिविधि में शामिल आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे। हालांकि, टीम ने फैक्टरी से भारी मात्रा में नकली खाद जब्त कर ली, जिससे किसानों को होने वाले बड़े नुकसान को रोका जा सका। जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि फरार आरोपियों की पहचान की जा रही है। पहचान होने के उपरांत उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह कार्रवाई किसानों को घटिया और नकली उत्पादों से बचाने के लिए की गई है। नकली खाद के उपयोग से फसलों को भारी नुकसान होता है और किसानों की मेहनत बर्बाद हो जाती है। इस प्रकार की अवैध फैक्ट्रियां किसानों के साथ धोखाधड़ी करती हैं। प्रशासन ऐसी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है।
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नकली खाद के कारोबार का खुलासा
यह छापेमारी नकली खाद के बड़े कारोबार का पर्दाफाश करती है। फैक्टरी में बड़े पैमाने पर नकली पोटाश और डीएपी का उत्पादन किया जा रहा था। बरामद 110 कट्टे नकली खाद इस अवैध धंधे की गंभीरता को दर्शाते हैं। नकली खाद का बाजार में बेचना किसानों के लिए आर्थिक और कृषिगत दोनों तरह से हानिकारक होता है। इससे मिट्टी की उर्वरता भी प्रभावित होती है।
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कानूनी कार्रवाई और जांच
जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश ने स्पष्ट किया कि इस मामले में कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों की पहचान के लिए जांच तेज कर दी गई है। पुलिस और कृषि विभाग मिलकर इस गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसानों को भी नकली खाद से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

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