हापुड़। नगर कोतवाली क्षेत्र के सामने वेलनेस अस्पताल में उपचार के दौरान गांव बदनौली निवासी जच्चा मेघा (24) की मौत हो गई। 29 जुलाई की शाम मेघा को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए महिला के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह परिजनों को शांत कराया।
गांव बदनौली निवासी जितेंद्र कुमार ने बताया कि 29 जुलाई की शाम को उसने अपनी गर्भवती पत्नी मेघा को प्रसव के लिए नगर कोतवाली के सामने वेलनेस अस्पताल में भर्ती कराया था। देर रात ऑपरेशन से उनकी पत्नी ने एक पुत्र को जन्म दिया, लेकिन इसके बाद से उनकी पत्नी के टांकों से खून का रिसाव होने लगा। शुक्रवार की सुबह भी टांकों से खून निकलता रहा। उसने चिकित्सकों से पत्नी को अन्य अस्पताल में रेफर करने की गुहार लगाई थी, लेकिन चिकित्सकों ने उसकी बात नहीं मानी। शाम करीब साढ़े पांच बजे उपचार के दौरान उनकी पत्नी की मौत हो गई। मेघा की मौत की सूचना पर ससुराल और मायके वालों के साथ सैकड़ों ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल जमकर हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर वरिष्ठ उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह भारी पुलिस के साथ अस्पताल पहुंंचे और परिजनों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों नहीं माने। परिजनों ने करीब डेढ़ घंटे तक अस्पताल में हंगामा किया। हंगामा देख अस्पताल से चिकित्सक भाग खड़े हुए। पुलिस ने किसी तरह परिजनों को शांत कराया सीओ जितेंद्र शर्मा का कहना है कि मामले में दोनों पक्षों से बात की जा रही है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
पिछले साल अक्तूबर में हुई थी शादी
पिछले साल अक्तूबर में गांव बदनौली की मंढैय्या निवासी मेघा की गांव बदनौली निवासी जितेंद्र से प्रेम विवाह हुआ था। मेघा की यह दूसरी शादी है। मेघा की पहली शादी मोदीनगर निवासी युवक से हुई थी। उससे मेघा के एक पुत्री दिव्यांशी है।