रमजान माह के पहले जुमे पर जिले भर की सभी मस्जिदों में नमाज अदा की गई। इस दौरान देश में अमन शांति की दुआ मांगी गई। छोटे-छोटे बच्चों ने भी जुमे पर अपना पहला रोजा रखा और जुमे की नमाज अदा की। इस दौरान शहर की मस्जिदों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे।
मस्जिद नूरबफान गंज में शहर काजी कारी मो. असगर कासमी ने नमाज अदा कराई। उन्होने कहा कि अल्लाह ताला का एहसान है कि उसने हमें जिंदगी में एक बार फिर मौका दिया कि हम उसकी रहमतों का फायदा उठा सकें।
शहर की शाही जामा मस्जिद में जुमे की नमाज से पहले मुफ्ती मो. मोहिसन कासमी ने अपनी तकरीर में कहा कि इस माह में हम जितनी भी इबादत करें वो कम है।
मस्जिद सराय बशारत अली के इमाम व ऑल इंडिया इमाम काउंसिल के जिला सदर मौलाना मुफ्ती मो. खालिद कासमी ने जुमे की नमाज से पहले कहा कि नबी ने फरमाया कि रोजे का मकसद भूखा प्यासा रहना नहीं बल्कि गलत कामों को छोड़ना है।
रोजा सिर्फ पेट का नहीं होता बल्कि आंख, कान, जुबान और हाथ पांव का भी होता है। इन अंगों का रोजा ये है कि हम इनसे कुछ भी गलत काम ना करें। उधर, गढ़मुक्तेश्वर प्रतिनिधि के मुताबिक रमजान मुबारक के पहले जुमे में नमाज अदा कर अमनचैन,
देश की खुशहाली, भाईचारे की मजबूती और बीमारियों से निजात की दुआ की गई। नगर व गांवों में कई छोटे-छोटे बच्चों ने अपने जीवन का पहला रोजा रखा। नगर की इमलियान मस्जिद में शहर काजी हाजी सैयद कसीमुद्दीन, चौपला मस्जिद में हाफिज मुहम्मद अली,
फतेहपुरी मस्जिद में कारी जुल्फिकार, मदरसा मस्जिद में मौलाना अमीरुल हक, मीरा मजार मस्जिद में कारी महताब ने नमाज के दौरान देश में अमन चैन की दुआ की। इस दौरान शहर काजी मौलाना हाजी सैयद कसीमुद्दीन ने रमजान माह की फजीलत के साथ ही तरावीह की नमाज,
कुरान शरीफ की तिलावत, गरीब-निराश्रितों को खैरात, जकात, सदका और फितरा अदा करने की अहमियत भी बताई। पिलखुवा प्रतिनिधि के मुताबिक रमजान माह के पहले जुमे पर कड़ी सुरक्षा के बीच सभी मस्जिदों में नमाज अदा की गई।
उधर, देहात क्षेत्र के गांव आजमपुर, दहपा, हिम्मतनगर, निडौरी, कमालपुर, डूहरी, हावल, मदापुर, डबारसी, परतापुर की मस्जिदों में भी सुरक्षा के कड़े प्रबंध के बीच जुमे की नमाज अदा की गई।