बिजली निगम के अफसरों द्वारा जिन पावरलूम कारखानों के बिजली के कनेक्शन बकाएदारी बताकर काट दिए गए थे, मंगलवार को वस्त्र निरीक्षक ने निरीक्षण कर, प्रथम दृष्टया इन्हें पात्र माना है। इस संबंध में शासन से पत्राचार भी शुरू कर दी गई है।
बता दें कि, बीते दिनों बिजली निगम के अफसरों ने सात पावरलूम कारखानों के कनेक्शन बकाएदारी के चलते काट दिए थे। पीड़ित संचालकों ने सरकार से मिलने वाली सब्सिडी का पैसा ही बकाया होना बता कनेक्शन जुड़वाने की अपील की थी, उनके स्तर पर बिल जमा था।
लेकिन बिजली निगम के अफसरों ने इन कारखानों को अपात्र बताया था, अफसरों का कहना था कि सरकार से बिल पर छूट केवल हैंडलूम कारखानों पर मिलती है, जिनमें कम क्षमता के मोटर लगे हैं। इससे गुस्साए उद्यमियों ने एसई कार्यालय पर काफी हंगामा भी किया था।
मंगलवार को वस्त्र निरीक्षक नीरज सिंधू ने प्रभावित पावरलूम कारखानों का निरीक्षण किया। उद्यमी अमन गुप्ता ने उन्हें कारखानों के तमाम कागजात दिखाए व शासनादेश से भी अवगत कराया।
निरीक्षण के दौरान बिजली निगम के दोनों एसडीओ समेत अवर अभियंता, लाइनमैन भी मौजूद रहे। नीरज सिंधू ने बताया कि प्रथम दृष्टया सभी कारखाने पात्र हैं, सरकार से मिलने वाली सब्सिडी का इन कारखानों को लाभ दिया जाता है।
ऐसे में बिजली निगम द्वारा की गई कार्रवाई संतोषजनक नहीं है। इस संबंध में वह शासन को पत्राचार कर रहे हैं। इस दौरान एसडीओ दिपांशु सहाय, यशेंद्र सिंह, जेई साहब सिंह, उद्यमी यामीन, मोहम्मद इरशाद, दिलशाद, मोहम्मद यामीन मौजूद रहे।