समान कार्य समान वेतन की मांग को लेकर बीएसए कार्यालय पर डटे शिक्षामित्रों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। शिक्षामित्रों ने शहर में पैदल मार्च निकालकर तहसील चौराहे पर जाम लगा दिया। करीब आधा घंटा तक चौराहे पर शिक्षामित्रों का कब्जा रहा।
ऐसे में शहर की सड़कें जाम हो गईं, वाहन चालकों को जाम में फंसकर परेशान होना पड़ा। वहीं, जाम लगाने के दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही। बता दें कि जिले में दूसरे और तीसरे बैच के शिक्षामित्रों का समायोजन नहीं हो सका है।
बीते आठ दिन से शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय पर समान कार्य समान वेतन की मांग को लेकर धरने पर डटे हुए हैं, अवकाश के दिनो में भी शिक्षामित्रों का धरना जारी था। बेसिक शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी पर मंगलवार को शिक्षामित्रों का गुस्सा फूट पड़ा।
सैकड़ों की संख्या में शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय के बाहर एकत्र हुए, दोपहर दो बजे शिक्षामित्रों ने नगर में पैदल मार्च निकालना शुरू किया। करीब 2.30 पर शिक्षामित्रों का कारवां तहसील चौराहे पहुंचा।
मांगों का निस्तारण न होने के विरोध में शिक्षामित्रों ने तहसील चौराहे पर जाम लगा दिया। करीब आधा घंटा तक चौराहा शिक्षामित्रों के हवाले रहा। इस दौरान पुलिस मूक दर्शक बनी रही। पुलिस कर्मियों की अनदेखी से शहर की सड़कें जाम हो गई,
जाम में फंसे लोग राहत मिलने का इंतजार करते रहे। करीब आधे घंटे बाद शिक्षामित्र बुलंदशहर रोड, कोठीगेट होते हुए धरना स्थल पर पहुंचे तब कहीं जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
शिक्षामित्र संजीव कुमार ने बताया कि शिक्षामित्र परेशान हैं,
लेकिन सरकार या प्रशासनिक अधिकारी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं। अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जरूरत पड़ी तो जल्द ही स्कूलों में भी तालाबंदी भी की जाएगी। उधर, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ, उर्दू शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन,
सेवानिवृत्त शिक्षक संघ और अटेवा शिक्षक संघ ने शिक्षामित्रों को समर्थन दिया है। इस दौरान राकेश कुमार, मोहम्मद इस्माइल, भूपेंद्र कुमार, संजीव कुमार, विपिन त्यागी, संजय कुमार शर्मा, तनवीर अहमद खान, बबीता यादव मौजूद रहे।