दीवाली को लेकर पुलिस-प्रशासन और दमकल विभाग सतर्क हो गया है। आबादी के बीच आतिशबाजी की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। लाइसेंस के बिना आतिशबाजी बेचने वालों का सामान जब्त करने के साथ ही उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है।
बता दें कि दीवाली की खुशी के मौके पर होने वाली आतिशबाजी से जरा सी चूक होने कड़ी घटना हो सकती है। इसके मद्देनजर स्थानीय पुलिस-प्रशासन और दमकल विभाग पूरी सख्ती के साथ आतिशबाजी बेचने वालों पर कड़ा शिकंजा कसने की तैयारी में है।
एसडीएम आरएन पांडेय का कहना है कि आबादी से जुड़े किसी भी भीड़ भाड़ वाले स्थान पर आतिशबाजी नहीं बिकने दी जाएगी। आतिशबाजी बेचने वालों को बेहद तेज आवाज वाले पटाखे बेचने की अनुमति किसी भी रूप में नहीं मिल पाएगी।
सीओ सतीश चंद्र पांडेय का कहना है कि लाइसेंस के बिना किसी भी रूप में आतिशबाजी बेचने वालों की धरपकड़ के साथ ही उनका सामान जब्त कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आतिशबाजी बेचने वालों को लाइसेंस के लिए बैंक में डेढ़ सौ रुपये की सरकारी फीस जमा कर एसडीएम कार्यालय में आवेदन करना होगा। इस पर संबंधित थाने की पुलिस और दमकल विभाग से रिपोर्ट लेने के बाद लाइसेंस जारी होंगे।
गर्ल्स डिग्री कॉलेज की प्रिंसिपल कुसुम त्यागी, समाजसेवी लालू गुरु, अनुराग त्यागी, प्रदीप कौशिक, मुखिया मदहत अली, चुन्ने प्रधान ने दीवाली के मौके पर तेज आवाज और हानिकारक धुएं वाले पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाए जाने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि तेज आवाज और हानिकारक धुएं वाले पटाखे जहां इंसानी जिंदगी के लिए बेहद घातक साबित होते हैं, वहीं इनकी तेज और डरावनी आवाज होने से पशु-पक्षियों में अजीब सी दहशत फैल जाती है। तीन दिनों तक पक्षियों को अपने अंडे-बच्चे छोड़कर आबादी से बाहर जंगल की तरफ पलायन करने को मजबूर होना पड़ता है।