कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेला मेला लगने में नौ दिन
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फसलों के कटान में अभी तक तेजी न आने से गढ़ खादर मेले की तैयारियां तेजी नहीं पकड़ पा रही हैं। इससे तहसील प्रशासन और जिला पंचायत अफसर चिंतित हैं। गढ़ खादर का पौराणिक लक्खी मेला इस बार पांच अक्तूबर को प्रारंभ होना है।
इसमें अब मात्र 9 दिन का समय ही शेष बचा है। इसके बावजूद संपर्क मार्गों समेत मेला क्षेत्र में खड़ी गन्ने की फसलों के कटान में फिलहाल तेजी नहीं आ पा रही है। इससे मेले से जुड़ीं अहम तैयारियां अधर में लटकी हैं।
नौ दिन बाद जब मेले में श्रद्धालुओं का आगमन प्रारंभ होगा, तो उन्हें भारी अव्यवस्थाओं के बीच अपने टैंट-तंबू गाढ़ने के लिए उपयुक्त स्थान तलाशने को परेशान होना पड़ेगा। रिजर्व पुलिस लाइन समेत मेला स्थल पर जिला पंचायत के कैंप कार्यालय और शिविर तक भी नहीं लग पाए हैं।
एसडीएम आरएन पांडेय ने मेला स्थल का दौरा कर फसलों के कटान में तेजी कराने का निर्देश दिया। वहीं नायब तहसीलदार एके शर्मा ने राजस्व टीम को साथ लेकर किसानों से वार्ता फसलों का कटान करा रहे हैं।
मेलाधिकारी आरएन पांडेय का कहना है कि फसलों के कटान में किसी भी तरह की देरी अब सहन नहीं की जाएगी। मेला प्रारंभ होने से पहले सभी तैयारी पूरी कराई जानी हैं । मेला क्षेत्र में खड़ी फसलों को कटवाकर श्रद्धालुओं से जुड़ीं व्यवस्था अविलंब पूरी कराई जाएंगी।
जिला पंचायत के अवर अभियंता आदेश कुमार का कहना है कि जब तक तहसील प्रशासन द्वारा सख्ती बरतकर फसल नहीं कटवाई जाएंगी, तब तक मेले से जुड़ीं व्यवस्थाओं में तेजी आना आसान नहीं है।