चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव के दौरान में पार्टी के दागी एजेंटों को पोलिंग बूथ से दूर रखने का फैसला लिया है। एजेंटों को अपना चरित्र प्रमाण पत्र बनवाकर पीठासीन अधिकारी के पास जमा कराना होगा। इसके बाद उन्हें बूथ पर जाने दिया जाएगा।
पिछले चुनावों पर नजर डालें तो पोलिंग स्टेशन पर मौजूद पार्टियों के एजेंट हंगामे और गड़बड़ी का कारण बनते रहे हैं। चुनाव के दौरान देहात क्षेत्रों में इस प्रकार की घटनाएं अधिकतर होती हैं।
इस स्थिति को देखते हुए इस बार चुनाव आयोग ने ऐसे दागी एजेंटों को बूथ से दूर रखने का फैसला लिया है। एडीएम रजनीश राय ने बताया कि सभी दलों से अपील की जाएगी कि वे ऐसे कार्यकर्ताओं को एजेंट न बनाएं जो दागी हों।
प्रस्तावित पोलिंग एजेंट के चरित्र को लेकर खुफिया और पुलिस विभाग से रिपोर्ट तलब की जाएगी। इसके बाद निर्वाचन आयोग पोलिंग बूथ एजेंट के नाम की स्वीकृति देगा।