अब जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर प्राइवेट अस्पतालों जैसी सुविधाएं मुहैंया होंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को पैथोलॉजी जांच के लिए जिला मुख्यालय या निजी लैब तक नहीं दौड़ लगानी पड़ेगी।
सरकार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अत्याधुनिक पैथोलॉजी लैब खोलने जा रही है। सीएसची पर बनने वाले लैब में मरीजों को 150 तरह की जांच अब मुफ्त में कराने की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा शासन पीपीपी मॉडल के तहत उपलब्ध 31 जिलों में मुहैया कराएगा।
कुछ जांच जिला अस्पताल तैयार हो जाने के बाद ये योजनाएं प्रभावी होंगी। सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार एक्शन मोड में है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के प्रयासों की दिशा में पहल की गई है।
वर्तमान में सीएचसी पर पैथोलॉजी जांच के नाम पर मात्र हीमोग्लोबिन, प्रेग्नेंसी और ब्लड शुगर जैसी सामान्य जांच की जाती हैं। बाकी जांच के लिए मरीजों को या तो जिला मुख्यालय या निजी लैब जाना पड़ता है।
अब सीएचसी पर भी पैथोलॉजी की सुविधा मिलने से ग्रामीण मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके लिए सरकार ने पीपीपी मॉडल के तहत कंपनी सीएचसी पर एक-एक एक्सटेंशन काउंटर खोलेगी, जिसमें कंपनी के लैब टेक्निशियन और स्टाफ तैनात रहेंगे।
मरीज ब्लड की सामान्य जांच के साथ जटिल जांच जैसे किडनी प्रोफाइल, केएफटी, एलएफटी, क्रिएटीनीन, पोटैशियम, सोडियम, आरएलडी, आरए फैक्टर, थायराइड, लिपिड प्रोफाइल समेत 150 तरह की जांच होंगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रोक्योरमेंट महाप्रबंधक डॉ. वेद प्रकाश ने बताया कि 31 जिलों के सीएमओ को पत्र लिखा गया है, जिसमें कहा गया है कि मरीजों को जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सेवा प्रदाता का चयन कर लिया गया है। जिनके माध्यम से शीघ्र ही यह सेवा शुरू कर दी जाएगी।
जांच के सैंपल सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक लिए जाएंगे। सीएमओ एके सिंह का कहना है कि जांच को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के महाप्रबंधक का निर्देश मिला है जिसमें सीएचसी निशुल्क जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी है। इसके लिए कार्यवाही शुरू कर दी गयी है।
अनियमित रक्तस्राव के मामले में आपरेशन से पहले की पीटी आइएनआर, हीमोग्लोबिन के लिए सीबीसी, रेड ब्लड सेल काउंट, प्लेटलेट काउंट सेल, पैकेड सेल वाल्यूम, ब्लड शुगर, ब्लड यूरिया के साथ ही एनीमिया, किडनी, लीवर, हृदय, थायराइड जैसी मुख्य जांच की सुविधा दी जाएगी।
सरकार द्वारा सीएचसी पर हृदय व किड्नी संबंधी जांच शुरू होने से जिले के करीब डेढ़ लाख लोग लाभांवित होंगे। एक आंकड़े के अनुसार एक सीएचसी पर प्रतिदिन विभिन्न ओपीडी में करीब आठ सौ पर्चे बनाये जाते हैं।
यह स्थिति तब है जब अस्पतालों में लोगों को खास सुविधा मुहैया नहीं होती। सीएचसी पर सही जांच मिलने पर ओपीडी की संख्या में 50 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होगी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इन जांचों का प्रत्येक वर्ग को लाभ मिल सकेगा। हर वर्ग इससे लाभांवित होगा। सामान्य प्रक्रिया के तहत ही कोई भी व्यक्ति इस जांच को करा सकेगा।