खेतों में पराली जलाई तो अब कृषि अफसरों के कोप का भाजन बनना पड़ेगा। ऐसे किसानों पर कृषि विभाग के अधिकारी भूमि के आधार पर 2500 से 15 हजार रुपये तक जुर्माना लगा सकते हैं।
दरअसल, खेतों में पराली और भूसा जलाने से पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। बीते दिनों पंजाब में पराली जलने से धुंध का प्रकोप देश की राजधानी तक पहुंच गई थी। इससे आंखों में जलन व अस्थमा रोगियों को काफी परेशानी हुई थी।
शासन ने अदालत के आदेश के बाद प्रदेश के खेतों में भूसा, पराली जलाने पर रोक लगा दी है। इसकी जिम्मेदारी मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी व कृषि विभाग के अफसरों को सौंपी गई है।
उप कृषि निदेशक एएन मिश्र ने बताया कि जिस किसान के नाम 2 एकड़ से कम जमीन है यदि वह अवशिष्ट जलाता पाया गया तो उस पर 2500 रुपये जुर्माना और 2 से 5 एकड़ जमीन वाले किसान पर पांच हजार रुपये,
5 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल वाले किसान से 15 हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। उन्होंने बताया कि किसान अपशिष्टों को जलाने के बजाय इसे खेतों में जोत दें या कंपोस्ट खाद तैयार कर खेतों में प्रयोग कर सकते हैं। इससे फसल की उर्वरक शक्ति भी बढ़ेगी, वायु प्रदूषण भी नहीं होगा।