दो लाख क्यूसेक मंगलवार को बिजनौर बैराज और हरिद्वार से छोड़ा गया पानी बुधवार को ब्रजघाट पहुंच गया। इसके चलते गंगा फिर से उफना गई। जलस्तर में बढ़ोतरी होने से खादर क्षेत्र के गांवों में दहशत का माहौल हो गया है।
पहाड़ों पर बारिश होने के चलते बिजनौर बैराज और हरिद्वार से सिंचाई महकमे ने मंगलवार रात दो लाख क्यूसिक पानी छोड़ा था, जिसके आने से ब्रजघाट गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हो गई है।
इसके चलते गढ़ खादर क्षेत्र के दो दर्जन से भी अधिक गांवों में रहने वाले हजारों परिवारों दहशत में हैं। सिंचाई विभाग कंट्रोल के सूत्रों का कहना है कि मंगलवार शाम को बिजनौर बैराज और हरिद्वार से जो दो लाख क्यूसिक पानी छोड़ा गया था,
वह बुधवार शाम को ब्रजघाट में पहुंच गया है, जिससे जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। खादर क्षेत्र के ग्रामीण मेवासिंह, नौबत राम, दलपत, रतिराम का कहना है कि दो सप्ताह पहले पहाड़ों पर बादल फटने से गंगा में उफान आने पर खादर क्षेत्र के निचले जंगल में जलभराव हो गया था।
फसलें बुरी तरह बर्बाद हो गई थीं। ग्रामीण प्रकाश, कलिया, रामू, छुट्टन सिंह का कहना है कि जलभराव होने से जल जनित बीमारियां पांव पसार रही हैं। इसलिए गांवों में नियमित तौर पर स्वास्थ्य परीक्षण कैंप लगाकर दवाएं वितरित कराई जाएं।
केंद्रीय जल आयोग के कनिष्ठ अभियंता राहुल शर्मा और गेज अधिकारी संत कुमार का कहना है कि बिजनौर बैराज और हरिद्वार से छोड़ा गया दो लाख क्यूसिक पानी आने से ब्रजघाट गंगा का जलस्तर बुधवार शाम को बढ़कर समुद्र तल से 197.92 मीटर के निशान पर पहुंच गया है।