हापुड़। पंचायत सहायकों ने दबाव में काम कराने और उत्पीड़न के विरोध में सोमवार को खंड विकास कार्यालय पर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी ने सामूहिक रूप से इस्तीफा और एक ज्ञापन खंड विकास अधिकारी श्रुति सिंह को सौंपा। सभी के एक साथ त्यागपत्र देने से गांवों में विकास कार्य प्रभावित होंगे।
पंचायत सहायकों ने बताया कि वह सभी ग्राम पंचायतों में कार्यरत हैं और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित कार्यों का ईमानदारी से काम कर रहे हैं, इसमें पंचायत स्तर पर डिजिटल दस्तावेजों का संधारण व रिकॉर्ड प्रबंधन, जनसुनवाई व पंचायत समिति बैठकों एवं सरकारी योजनाओं की ऑनलाइन प्रविष्टियां, जन्म व मृत्यु पंजीकरण करना एवं जांच में सहयोग, शासन की योजनाओं की जानकारी देना व ऑनलाइन आवेदन में सहायता जैसे वृद्धा, निराश्रित व दिव्यांग पेंशन और पारिवारिक लाभ आदि कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इन कार्यों के अतिरिक्त अन्य विभागों जैसे-स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व आदि के कार्यों को करने का अनावश्यक दबाव डाला जा रहा है, जो उनकी जिम्मेदारी से बाहर है। कई बार तो इन कार्यों में तकनीकी जानकारी या संसाधनों का अभाव होने पर उल्टा पंचायत सहायकों का मानसिक उत्पीड़न किया जाता है। ऐसे में इन परिस्थितियों में कार्य करना बेहद कठिन हो गया है। यहां तक कि मासिक वेतन मात्र छह हजार रुपये है, जो कि कार्यों के अनुरूप नहीं है। इस मामले में कई बार संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाकर शिकायत की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला है। इसलिए सभी ने एक राय होकर अपने पद से त्यागपत्र देने की घोषणा की। यदि समस्याओं को गंभीरता से लेकर समाधान किया जाता है तो फिर वह अपनी सेवाएं सुचारू रूप से दे सकते हैं। इस दौरान पंचायत सहायक जितेंद्र, मोहम्मद आदिल, अनुज यादव, विकास कोरी, अंकुर, विक्की, सचिन कुमार, सावेज अल्वी, मोहम्मद उमेर, मधु रानी, प्रीति, प्रेमचंद सैनी, अंकित यादव, दिलशाद बानो, अर्चना रानी, अंशु रानी, राखी, विनय आदि मौजूद रहे।