हापुड़। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हड्डी रोग विशेषज्ञों के नहीं होने से स्वास्थ्य सेवाएं लड़ख़ड़ा रही हैं। सर्दी में रोग बढ़ रहा है, हर रोज 100 से अधिक मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों के नहीं होने के कारण उन्हें दवाएं लेकर मायूस लौटना पड़ रहा है।
सर्दी का सितम बढ़ रहा है, ऐसे में जोड़ों में दर्द, पुरानी हड्डी का दर्द उबर रहा है। विभिन्न दुर्घटनाओं में हड्डी टूटने वाले मरीज भी अस्पतालों में आ रहे हैं। लेकिन अधिकांश सीएचसी में ऐसे मरीजों को प्लास्टर लगवाने तक की सुविधा नहीं मिल रही। मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है।
कमर दर्द और गठिया के मरीज भी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों के नहीं होने के कारण मरीज जनरल ओपीडी में ही अपना रोग बताकर दर्द की दवा लेकर लौट रहे हैं। दवा खाने से दर्द कम रहता है, लेकिन इसका असर खत्म होते ही फिर से दर्द परेशान करने लगता है।
बता दें कि कुछ महीनों पहले तक हापुड़ सीएचसी में एक विशेषज्ञ चिकित्सक थे, जिन्हें अब ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया है। मुख्य बात यह है कि न तो ट्रॉमा सेंटर में उपचार सुविधा अभी तक शुरू हुई है और न ही सीएचसी में मरीजों को सही उपचार मिल पा रहा है।
कोट -जिले के समस्त सीएचसी में मरीजों को उपचार दिलाया जा रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की व्यवस्था जिला अस्पताल में हैं, चिकित्सक सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। - डॉ.सुनील त्यागी, सीएमओ।