मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता में आने के बाद किसानों को फसल बर्बाद होने का मुआवजा पंद्रह दिन के अंदर दिलाए जाने की घोषणा की थी। लेकिन अफसर मुख्यमंत्री के इन आदेशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचे किसान ने जली हुई फसल का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की। मतनौरा निवासी महेंद्र सिंह ने कलक्ट्रेट पहुंचकर शिकायत की है कि सोमवार को उसकी पंद्रह बीघा फसल के साथ ट्रैक्टर ट्राली भी जल गई थी।
अफसरों को सूचना देने के बावजूद अभी तक कोई अधिकारी सत्यापन के लिए गांव नहीं पहुंचा। वहीं असौड़ा निवासी किसान सत्यप्रकाश त्यागी ने बताया कि चार दिन पहले ही बिजली का तार टूटने से उनकी चार बीघे की फसल गई थी।
इसकी सूचना अफसर को दी गई, लेकिन अभी तक कोई भी अफसर सत्यापन के लिए गांव नहीं पहुंचे है। उन्होंने कहा कि बिना सत्यापन के मुआवजा मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही। ऐसे में किसान परेशान है। किसान अपनी समस्या को लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं।
अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। किसान कलक्ट्रेट पहुंच मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उधर, एसडीएम अजय कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि जिन किसानों की फसल जलकर नष्ट हुई है। उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा। इस मामले में लापरवाही नहीं बरती जाएगी।