पशुओं के महंगे इलाज से परेशान पशुपालकों के लिए राहत भरी खबर है। अब हर माह में आठ दिन पशु विभाग के चिकित्सक गांवों में कैंप लगाकर पशुओं का इलाज करेंगे। शासन के निर्देश के बाद बहुउद्देशीय सचल पशु चिकित्सा वाहन योजना के तहत यह अभियान शुरू किया जा रहा है।
पशुपालकों को सीधे राहत दिलाने के उद्देश्य से सपा सरकार में बहुउद्ेदशीय सचल पशु चिकित्सा वाहन योजना के तहत पशुपालन विभाग को तीन वाहन उपलब्ध कराए गए थे। यह वाहन पशु चिकित्सा सुविधा से लैस थे। देहात अंचल में पशु चिकित्सकों की किल्लत के चलते कई बार पशुपालकों को झोलाछाप चिकित्सकों से अपने पशुओं का इलाज कराना पड़ता था।
ऐसे में काफी पैसा खर्च ने के बाद भी पशुओं के स्वास्थ्य में खास राहत नहीं मिल पाती थी। इस समस्या से पशुपालकों को राहत दिलाने के लिए अब पशुपालन विभाग के अफसरों ने महीने में 8 दिन गांवों में कैंप लगाकर पशुओं के इलाज का निर्णय लिया है। पशुओं को कैंप में इलाज की तमाम सुविधाएं मिल सकेंगी। इस संबंध में पशु अधिकारी गांवों में संपर्क कर किसानों को जागरूक कर रहे हैं।
उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि शासन के निर्देश पर गांवों में कैंप लगाकर पशुओं का इलाज किया जाएगा। हर महीने आठ दिन यह शिविर आयोजित होंगे।