स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने बृहस्पतिवार को बाबूगढ़ छावनी में अपंजीकृत चिकित्सकों के खिलाफ अभियान चलाया। अफसरों ने इस दौरान 11 अपंजीकृत चिकित्सकों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के अंदर उनके शैक्षिक दस्तावेज दिखाने के निर्देश दिए।
निर्धारित समय पर दस्तावेज उपलब्ध न कराने पर कार्रवाई की बात कही गई है। जिले में बड़ी संख्या में फर्जी तरीके से क्लीनिक चलाए जा रहे हैं। अपंजीकृत चिकित्सक मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।
बुधवार को मुदाफरा गांव में ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आने पर स्वास्थ्य अफसरों ने क्लीनिक को सील कर दिया था। यहां पर डॉक्टर घुटनों के दर्द को ठीक करने के नाम पर इंजेक्शन देकर कई लोगों का घुटना खराब का चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई है।
बृहस्पतिवार को बाबूगढ़ छावनी में अपंजीकृत चिकित्सकों के खिलाफ अभियान चलाया गया। इसमें विभागीय अफसरों ने 11 चिकित्सकों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के अंदर शैक्षिक दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
अफसरों ने निर्धारित समय सीमा में दस्तावेज उपलब्ध न कराने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। डिप्टी सीएमओ डॉ. राकेश अनुरागी ने बताया कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं होने दी जाएगी।
11 चिकित्सकों को नोटिस जारी किया है, दस्तावेज नहीं देने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अपंजीकृत चिकित्सकों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।