पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के ननिहाल (सिमरौली गांव) में भी शनिवार को भगवा छा गया। लोगों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया। मुख्य बात यह रही कि दलितों ने भी मोदी सरकार को खूब सराहा।
हालांकि, बसपा की करारी शिकस्त का उन्हें मलाल था। ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने इस बार विकासवादी पार्टी को चुना है। गांव निवासी प्रिंस पंडित ने बताया पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का उनके गांव से करीबी रिश्ता रहा है।
मायावती की यहां पर ननिहाल है। इसके चलते पूरा गांव पूर्व मुख्यमंत्री को ही अपना आदर्श मानता था। वर्ष 2012 के चुनाव तक सभी लोग अन्य पार्टियों को दरकिनार कर, सिर्फ बसपा को ही वोट करते थे। इस बार ग्रामीणों ने विकास के आधार पर अपने मत का प्रयोग किया है।
चुनाव से पूर्व ग्रामीणों ने एक पंचायत भी की थी, इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि इस बार मतदान रिश्तों के आधार पर नहीं बल्कि देश को विकास की ओर ले जाने वाली पार्टी को किया जाएगा। जहां ग्रामीणों में भाजपा की जीत से खुशी थी,
वहीं मायावती की हार से भी ग्रामीणों में उदासी नजर आ रही थी। इस मौके पर प्रिंस पंडित, डॉ. मनोज शर्मा, अखिल, छोटे लाल, हरविंद्र सिंह, कुलदीप प्रजापति मौजूद रहे।