सत्ता के बदलते ही जिले में तैनात अधिकारियों के भी सुर बदल गए हैं। सपा सरकार के चहेते अधिकारी मतगणना शुरू होने से पहले बहुमत की सरकार बनने के दावे कर रहे थे। जैसे ही मतगणना शुरू हुई तो जिले के अधिकारियों में भी भाजपा को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
साथ ही वह एक दूसरे की पोस्टिंग को लेकर भी चर्चा करने लगे। वैसे भी सरकार बदलने पर अफसर भी बदलना परंपरा रही है। सुबह आठ बजे मतगणना शुरू होने से पहले सत्ताधारी पार्टी सपा के चहेते अधिकारी जीत के दावे करते नहीं थक रहे थे।
जैसे ही चुनावी नतीजों के रुझान बीजेपी के पक्ष में आने शुरू हुए तो इन अधिकारियों के चेहरे भी उतर गए और उन्होंने अपने सुर भी बदल लिए। मनचाही पोस्टिंग पाने वाले पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को सत्ता बदलने पर अपनी सीट गंवाने का डर सताने लगा है।
साथ ही यह अधिकारी मतगणना स्थल पर ही चर्चा में जुट गए। कई अधिकारी तो अभी से भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ साठ-गांठ करने के लिए जोड़तोड़ की भी चर्चा करते नजर आए।
अनुमान लगाया जा रहा है कि सरकार के शपथ लेने के साथ ही जिले में जमा अधिकारियों पर भी गाज गिरनी तय है। ऐसे में अपनी कुर्सी बचाने में अधिकारी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। नई सरकार के सत्ता में आने पर अधिकारी सुर बदलकर अभी से गुणगान करने में जुट गए हैं।