बहादुरगढ़ में चुनावी समर के बीच असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल बिगाड़ने के प्रयास को लेकर अधिकारी गंभीर हैं। ऐसे तत्वों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी गई है। चार जनवरी को प्रदेश में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया है।
जिले में पहले चरण में 11 फरवरी को चुनाव है। चुनाव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क हो गई है। पुलिस की सतर्कता के दावों के बावजूद असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने के प्रयास में है।
चार दिन से लगातार बहादुरगढ़ में असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। 23 जनवरी को यहां एक धार्मिक स्थल में शराब की बोतल फेंक दी गईं। जिसके बाद लोगों में तनाव हो गया।
इसके बाद दो बार और इस तरह की घटनाएं होने पर डीएम एसपी को बहादुरगढ़ की दौड़ लगानी पड़ी है। असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल बिगाड़ने के प्रयास को लेकर पुलिस शांति बरकरार रखने की लोगों से अपील कर रही है।
वहीं पुलिस द्वारा माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर रणनीति बनाई जा रही है। खुफिया विभाग के अधिकारी क्षेत्र में कैंप किए हुए हैं। ऐसे में शांतिपूर्ण चुनाव कराने में पुलिस की सांस अटकी हुई।
बहादुरगढ़ में अगस्त 2015 में भी एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ के बाद बवाल हुआ था। गांव में आगजनी से लेकर फायरिंग व पथराव भी हुआ था। इस बार चुनावी समर के चलते पुलिस प्रशासन सतर्क है।
एसपी अलंकृता सिंह ने बताया कि अशांति फैलाने वालों पर निगाह रखी जा रही है। धार्मिक स्थल व मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ा दी है। लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की गई है।