दोनों समुदायों के धार्मिक स्थलों में हुई बेअदबी की घटनाओं को लेकर अति संवेदनशील गांव बहादुरगढ़ में शनिवार को शांतिपूर्ण तनाव का माहौल रहा। ऐसे में पुलिस चौकन्नी है। आला अफसरों ने मुख्य रास्तों पर रूट मार्च कर शरारती तत्वों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
बता दें कि एक समुदाय के धार्मिक स्थल में 21 जनवरी को शराब के खाली पव्वे फेंककर धर्म ग्रंथ से बेअदबी की गई थी। 25 जनवरी की रात यहां से पंखों समेत कीमती सामान चोरी करके धर्म ग्रंथ से फिर बेअदबी की गई थी।
इसके बाद शरारती तत्वों ने 27 जनवरी की रात दूसरे समुदाय के धर्मस्थल में तोड़फोड़ कर गंदगी डाल दी थी। इसको लेकर गांव में जबरदस्त तनाव व्याप्त हो गया। दोनों पक्षों में एक-दूसरे के खिलाफ आक्रोश है। तीनों घटनाओं को लेकर पुलिस-प्रशासन गंभीर है।
जिसके चलते 27 जनवरी की रात डीएम अनिल ढींगरा, एसपी अलंकृता सिंह, एएसपी आरएन यादव, खुफिया विभाग इंचार्ज डीके त्यागी, एसडीएम आरएन पांडेय, सीओ सतीश चंद्र पांडेय गांव पहुंचे थे।
अफसरों ने कड़ी मशक्कत के बाद गुस्साए लोगों को समझाकर शांत कराया था। शनिवार को भी गांव में तनाव बना रहा। डीएम, एसपी, एसडीएम, सीओ गढ़, बाबूगढ़, तहसीलदार और नायब तहसीलदार ने पीएसी, पुलिस और कमांडो दस्ते को साथ लेकर मुख्य रास्तों पर रूट मार्च किया।
इसके बाद गांव में पीस कमेटी की मीटिंग का आयोजन किया गया। इसमें डीएम और एसपी ने दोनों समुदायों के लोगों से अमनचैन और भाईचारे की भावना से खिलवाड़ करने हरकतों से होशियार रहने की अपील की। उन्होंने शरारती तत्वों का पता लगाकर जल्द कड़ी कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया।