महंगाई के अनुरूप गन्ना रेट में बढ़ोतरी न होने और किसानों की समस्याओं का निराकरण न होने के विरोध में मंगलवार को भाकियू ने तहसील का घेराव कर जमकर हंगामा किया।
नोटबंदी सहित किसानों से किए वादे झुठलाने का आरोप लगा कार्यकर्ताओं ने पीएम का पुतला फूंका। एसडीएम को ज्ञापन देकर कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई न होने पर तहसील में तालाबंदी की चेतावनी दी।
भाकियू मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा के नेतृत्व में मंगलवार को तहसील परिसर में पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें दिनेश खेड़ा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार किसानों को बकाया गन्ना भुगतान का ब्याज दिलाया जाए
अथवा किसानों के सभी ऋणों को माफ किया जाए। उन्होंने महंगाई के अनुरूप गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की भी मांग रखी। मंडल सचिव डॉ. रामपाल चौहान ने शुगर मिल द्वारा वर्तमान पेराई सत्र की गन्ना खरीद का भुगतान शुरू किए जाने तक
किसानों के बिजली बिलों की वसूली न करने और कनेक्शन न काटने की मांग रखी। मंडल अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने कहा कि क्षेत्र में अभी तक भी राशन कार्ड नहीं बने हैं। उन्होंने पात्र लोगों के राशन कार्ड जल्द से जल्द बनवाने की मांग की।
वहीं पूठ गांव में ग्राम समाज की भूमि पर चल रहे विवाद की भी निष्पक्ष जांच की मांग भाकियू कार्यकर्ताओं ने तहसील प्रशासन के सामने रखी। भाकियू ने सभी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर डीएम अनिल ढींगरा को संबोधित ज्ञापन एसडीएम आरएन पांडेय को सौंपा।
समस्याओं का जल्द समाधान न होने पर कार्यकर्ताओं ने तहसील मुख्यालय का घेराव कर तालाबंदी की चेतावनी दी। पंचायत के बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर किसान विरोधी होने, नोटबंदी के विरोध में और वायदे पूरे न करने का आरोप लगाते हुए पीएम मोदी का पुतला फूंका।
इस मौके चमन सिंह, इफ्तेखार खां, नीरज तोमर, हरजीत सिंह, विशाल अग्रवाल, विपिन सिंधु, नंदकिशोर सैन, अय्यूब अली, जसवीर त्यागी, बब्लू चौधरी, ललित तोमर,
फूल सिंह चौहान, राहत खां, अनवर खां, सतबीर सिंह, प्रदीप शर्मा, बुद्धप्रकाश, विनोद कुमार, पप्पू चौधरी समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।