गणेश चतुर्थी पर मूर्तियों का विसर्जन करने को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण नेशनल हाईवे-24 पर करीब तीन घंटे तक यातायात ठप रहा। इससे कड़ी धूप में राहगीर परेशान रहे। सबसे ज्यादा दिक्कत जाम में फंसे मरीजों को उठानी पड़ी।
गणेश चतुर्थी के दिन बृहस्पतिवार को भगवान गणेश की मूर्तियों का विसर्जन करने के लिए दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुड़गांव, मेरठ, फरीदाबाद जैसे महानगरों से भक्तों की भीड़ ब्रजघाट गंगानगरी में उमड़ पड़ी। इससे दोपहर करीब तीन बजे नेशनल हाईवे-24 पर भीषण जाम लग गया।
हाईवे पर जाम लगने से दिल्ली, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, गुड़गांव, फरीदाबाद के अस्पतालों को गंभीर रोगी ले जा रही कई एंबुलेंस भी फंस गईं। वहीं अन्य राहगीरों को भी चिलचिलाती धूप में घंटों परेशान होना पड़ा।
जाम की सूचना पर पहुंचे इंस्पेक्टर समरजीत सिंह, ब्रजघाट चौकी इंचार्ज बलबीर सिंह, कस्बा चौकी इंचार्ज श्रवण कुमार गौतम ने कड़ी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया। करीब तीन घंटे बाद हाईवे पर वाहनों का आवागमन सामान्य हो सका।
भगवान गणेश की मूर्तियों की भव्य शोभायात्रा बैंडबाजों के साथ निकाली गई। महिलाओं और बच्चों ने पुष्पवर्षा से शोभायात्रा का स्वागत किया। शोभायात्रा का शुभारंभ प्रदेश सरकार के मनोरंजन कर मंत्री मदन चौहान ने किया।
शोभायात्रा में भक्तों ने आतिशबाजी के बीच गुलाल की होली खेलकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। विभिन्न मार्गों से होकर निकली शोभायात्रा गंगा खादर के जंगल में पहुंचकर संपन्न हो गई। यहां वैदिक रीति रिवाज से मूर्ति का विसर्जन किया गया।
शोभायात्रा में रूपेश पंडित, विष्णु नागर, सौरभ जैन, पवन जैन, कृष्ण गोपाल, कांति रस्तोगी, शक्ति शर्मा, विपिन सोनी आदि शामिल रहे। वहीं आजादपुर दिल्ली में स्थित महामाई कात्यायनी शक्ति पीठ के संस्थापक आचार्य मोतीराम शास्त्री बृहस्पतिवार को सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ
भगवान गणपति की मूर्ति लेकर ब्रजघाट पहुंचे। यहां बैंडबाजों के साथ गणपति बप्पा की शोभायात्रा निकालने के बाद मूर्ति का गंगा में विसर्जन किया गया। आचार्य मोतीराम शास्त्री ने कहा कि गंगा को प्रदूषणमुक्त बनाए रखने के अभियान को देखते हुए प्राकृतिक रंगो से रंगी और छोटी मूर्ति का विसर्जन किया गया है।
इस मौके पर उमेश अग्रवाल, भीमसेन, श्रीकृष्ण, जयभगवान, विक्की, अजय, दिनेश समेत दर्जनों श्रद्धालु मौजूद रहे।