मनरेगा ठेकेदार के हत्या में फरार चल रहे दो सगेे भाइयों को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। अभी उनके प्रधान पिता और दो अज्ञात आरोपियों को पुलिस तलाश रही है।
बहादुरगढ़ के पूठ गांव में रहने वाले महेंद्र गुर्जर का बेटा नीरज (30) खेतीबाड़ी के साथ ही मनरेगा योजना में ठेकेदारी भी करता था।
24 फरवरी की दोपहर गढ़ विकास खंड कार्यालय से लौटते समय नानई गांव के पास बाइक सवार लोगों ने गोलियां बरसाकर नीरज की हत्या कर दी थी।
नीरज के पिता ने पंचायत चुनाव की रंजिश का उल्लेख कर ग्राम प्रधान दीन मोहम्मद, उसके बेटों गुलीहसन और शानमुहम्मद समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी।
आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से हिंदू संगठनों और भाजपाइयों में रोष था। मृतक के पिता ने मंगलवार को एसपी के नाम पत्र भेजा था। थाने का घेराव कर आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी भी दी थी।
गुलीहसन और शानमुहम्मद को भद्स्याना के बस स्टैंड से पुलिस ने दबोच लिया। एसओ अखिलेश कुमार का कहना है कि हत्यारोपी प्रधान दीन मुहम्मद को भी बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।