हापुड़। नगर के मोहल्ला श्रीनगर में बंदरों ने स्कूटी सवार मां-बेटी पर हमला कर दिया। इस हमले में बेटी की आंख के ऊपर गंभीर चोट आई है और पांच टांके भी लगे हैं, जबकि मां के पैर की हड्डी टूट गई। दोनों के शोर मचाने पर घरों से बाहर निकलकर आए लोग ने बंदरों के झुंड से बचाया। परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराकर दोनों का उपचार भी कराया है। स्थानीय लोगों में पालिका के विरुद्ध रोष भी व्याप्त है।
शहर में बंदरों के कारण समस्या प्रतिदिन बढ़ रही है। आए दिन लोग बंदरों के हमलों का शिकार हो रहे हैं। इससे लोगों को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक नुकसान भी पहुंच रहा है, लेकिन नगर पालिका के अधिकारी सिर्फ वादों के अलावा कुछ नहीं कर रहे हैं। अब बंदर झुंड बनाकर लोगों पर हमला कर रहे हैं। मोहल्ला श्रीनगर निवासी आदित्य गोयल की पत्नी छवि गोयल शाम करीब छह बजे अपनी छह साल की बेटी जानया गोयल के साथ स्कूटी पर सवार होकर किसी कार्य से जा रही थीं। घर से थोड़ा आगे पहुंचने पर मोहल्ले में बंदरों ने उन्हें घेर लिया और स्कूटी पर हमला कर दिया।
हमले में बच्ची जानया और छवि स्कूटी से गिर गईं। इससे बच्ची की आंख के ऊपर गंभीर चोट आई। वहीं, छवि के पैर की हड्डी टूट गई। जैसे-तैसे लोगों ने दोनों को बचाया। इससे बच्ची की आंख को भी नुकसान पहुंच सकता था। गनीमत रही कि बच्ची की आंख बच गई। हालांकि परिजन एहतियात के तौर पर बच्चे की आंखों की जांच भी करा रहे हैं।
मोहल्ले में हर दिन हो रहे बंदरों और कुत्तों के हमले
शहर में हर दिन बंदरों और कुत्तों के हमले हो रहे हैं। सीएचसी में उपचार कराने वालों की संख्या से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। तमाम शिकायतों के बाद भी नगर पालिका के अधिकारी सिर्फ टेंडर की बात करते हैं। वहीं, लोग बंदरों को पकड़वाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक जमीनी स्तर पर कोई कार्य नहीं हुआ है, जिसका परिणाम क्षेत्रवासी भुगत रहे हैं।
पुराना भुगतान न होने के कारण नहीं आ रहा कलंदर
नगरपालिका ने करीब चार साल पहले शहर में बंदरों को पकड़वाने और कुत्तों की नसबंदी के लिए अभियान चलवाया था, लेकिन बंदरों को पकड़ने वाले ठेकेदार का पूरा भुगतान आज तक नहीं हुआ है। इस कारण पुन: टेंडर होने के बाद भी ठेकेदार शहर में आकर बंदरों को पकड़ने का कार्य नहीं कर रहा है। नगर पालिका के अधिकारियों की गलती का खामियाजा लोग भुगत रहे हैं।
यह कहते हैं अधिकारी
ठेकेदार को बुलाया गया है। पुराने भुगतान से संबंधित समस्या का जल्द समाधान हो जाएगा। नए सिरे से टेंडर लेने के बाद भी ठेकेदार कार्य पर नहीं आया है। जल्द मामले में उच्च अधिकारियों को अवगत कराते हुए कार्रवाई की जाएगी।
- मनोज कुमार, ईओ व डिप्टी कलक्टर