देवोत्थान एकादशी के अवसर पर गंगा में करीब 10 लाख भक्तों ने आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान भक्तों ने भगवान शालिग्राम तथा तुलसी विवाह की धार्मिक परंपरा का निर्वहन कर पुण्य अर्जित किया।
शुक्रवार को गंगा मेले में आए करीब 10 लाख से भी अधिक श्रद्धालुओं ने मोक्ष दायिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। वहीं, ब्रजघाट में दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, वेस्ट यूपी के अन्य जनपदों के भक्तों ने गंगा में डुबकी लगाई।
भक्तों ने गंगा किनारे पर बैठे पंडितों से भगवान विष्णु और तुलसी के विवाह की कथा सुन और पूजा-अर्चना कर उन्हें दक्षिणा दी। वहीं, खादर मेले में महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर भगवान शालिग्राम और तुलसी का विवाह किया।
पंचायती मंदिर के पुजारी पंडित सुरेंद्र प्रसाद शर्मा और भद्रकाली मंदिर के प्रबंधक रमाशंकर तिवारी ने बताया कि भगवान विष्णु और तुलसी विवाह की रस्म परंपरा का निर्वहन करते हैं, वे करने वाले भक्त मनोवांछित फल प्राप्त करते हैं।
एक ओर गंगा मेले के दौरान पुलिस और आबकारी विभाग शराब बिक्री पर रोक के लिए छापामारी अभियान चला रहा है। वहीं, दूसरी ओर क्षेत्र में धड़ल्ले से शराब की बिक्री हो रही है। जबकि मेले तक क्षेत्र को पुलिस ने ड्राई जोन घोषित किया हुआ है।
नगर समेत गढ़-चौपला और जिन गांवों के संपर्क मार्गों से होकर लोग मेले को जाते हैं उनमें शराब के ठेके रोजमर्रा की भांति खुले हुए हैं। इन ठेकों पर शराब की बिक्री भी धड़ल्ले से हो रही है।
वहीं, पुलिस और आबकारी टीम मेले में शराब न पहुंचने देने के उद्देश्य से एंट्री गेटों पर सघन चेकिंग करने में जुटी हुई है। आबकारी निरीक्षक प्रगल्भ लवानिया ने बताया कि मेले में ले जाई जा रही शराब की धरपकड़ के लिए चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
गंगा मेले में तुबंओं की नगरी में लोग जमकर मस्ती कर रहे हैं। घर-बार की चिंताओं से मुक्त होकर लोग सिर्फ अपने में रमे हुए हैं। मुरादनगर के सलेमाबाद गांव से मेरठ सेक्टर में पहुंचे परिवार ने रेतीले मैदान में तंबू गाढ़कर पड़ाव डाला हुआ है।
जहां महिला आटा गूंथकर दाल पका रही थीं। उनका कहना था कि आस्था से जुड़े इस मेले में वह परिजनों के साथ बचपन से आ रही हैं, जिसमें बच्चे टूर जैसा आनंद भी ले रहे हैं। गाजियाबाद से आए धर्मवीर डबास तंबू में बैठकर साथियों के साथ हुक्का गुड़गुड़ाने में मस्त थे,
जो हजार और पांच सौ के नोट बंद होने से मेले में आने वालों को हो रही दिक्कत को लेकर आपस में चर्चा कर रहे थे। मेरठ सेक्टर के स्नानघाट पर दौराला से आईं युवितयां गंगा में डुबकी लगा रही थीं। ज्योति, नेहा, पुष्पा, प्रियंका का कहना था कि यह मेला भक्ति में मस्ती का अनूठा संगम है।
मुरादाबाद से आई 23वीं वाहिनी पीएसी के जवानों ने मुख्यघाट के पास गंगा में डूब रहे लोनी के मंगल और जयपाल, बुलंदशहर के योगेश, वीरपाल, नन्हीं, वेदपाल को सकुशल बचा लिया, गोताखोर जवानों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें डेरों पर भेज दिया।
खादर से तिगरी धाम मेले में आने जाने के लिए नाव चलाने का जिम्मा संभाल रहे जिला पंचायत ठेकेदार धर्मपाल निषाद समेत उनके गोताखारों पीतम, जगदीश, घनश्याम, रतिराम ने मेरठ सेक्टर के पास सुदेश, नितिन, शशांक, मोहित, रोहन, सुनील सिंह, बालेश्वर, दयाचंद सरधना को गंगा में डूबते समय सकुशल बचाया।
ब्रजघाट शहरी मेले में महानगरों से जुड़े श्रद्धालुओं का आगमन प्रारंभ होने से सैकड़ों धर्मशाला, आश्रम और मंदिर परिसरों समेत तीर्थनगरी में हर तरफ चहल पहल बढ़ गई है। ब्रजघाट में भी प्रतिवर्ष शहरी मेले का आयोजन होता है।
जिसमें दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान समेत वेस्टर्न यूपी से जुड़े महानगरों के लाखों गंगा भक्त भाग लेने आते हैं। कार्तिक चतुर्दशी की संध्या में दीपदान और पूर्णिमा के उपलक्ष्य में गंगा स्नान करने वाले भक्तों का आगमन तेज हो उठा है।
ब्रुक हॉस्पिटल से जुड़े ब्रिटेन और इथोपिया के चिकित्सकों की टीम ने अश्व मेले में पड़ाव डाल लिया है। टीम बीमार पशुओं का इलाज करने के साथ ही उनके देखरेख के प्रति लोगों को जागरुक कर रही है।
ब्रुक हॉस्पिटल के डॉ. शिरीन विलियम, मिस निकोला, जौनीफर, जुलुस और इथोपिया के ईओ टिबेबु की टीम ने गंगा मेले में शुक्रवार को पड़ाव डाला। टीम ने मेला क्षेत्र का भ्रमण कर गंभीर और मौसमी बीमारियों से जूझ रहे पशुओं का परीक्षण कर उन्हें जीवन रक्षक इंजेक्शन और दवा दीं।
शाम को कठपुतलियों के माध्यम से पशु कल्याण की बातें बताकर प्रतिभागी पशुपालकों का हौसला भी बढ़ाया गया। संस्था के चिकित्सक मारतंड सिंह, राजन विजयाल, विजय भल्ला, सीएफ प्रेमा पांडेय, महेश शर्मा मौजूद रहे।