परिषदीय स्कूलों में मिड डे मील वितरण का पैसा तीन महीने से ग्राम प्रधानों को नहीं मिला है। फल वितरित का भुगतान भी एक महीने से नहीं हुआ है। ऐसे में ग्राम प्रधानों के लिए अपनी पॉकेट से एमडीएम वितरण करना अब मुश्किल हो रहा है।
ग्राम प्रधानों ने डीएम, बीएसए से जल्द भुगतान कराने की मांग की है। सरकार ने परिषदीय स्कूल में मिड डे मील वितरण की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों को सौंपी है। ग्राम प्रधान सरकार के निर्देश पर स्कूलों में एमडीएम का वितरण करवा रहे हैं।
अक्तूबर महीने से एमडीएम का पैसा ग्राम प्रधानों को नहीं मिला है। ग्राम प्रधानों को शासन से करीब एक करोड़ रुपये मिलने हैं। ऐसे में ग्राम प्रधानों को अब जेब से पैसा लगाकर एमडीएम वितरण कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दिसंबर और जनवरी में बांटे गए फलों का पैसा भी ग्राम प्रधानों को नहीं मिला है। कई बार बीएसए से शिकायत के बावजूद बजट का भुगतान नहीं किया जा रहा है। अब ग्राम प्रधानों ने डीएम से शिकायत कर जल्द भुगतान कराने की मांग की है।
एमडीएम प्रभारी जुनैद मलिक ने बताया कि वह शासन को इस संबंध में रिमाइंडर भेज चुके हैं। डीएम से भी ग्राम प्रधानों को राहत दिलाने का आग्रह किया गया है।