भक्तों ने लगाई गंगा में डुबकी
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पौष पूर्णिमा पर बृहस्पतिवार को ठिठुरती सर्दी के बीच एक लाख से अधिक भक्तों ने ब्रजघाट में गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान समेत सासपास के जिलों से भक्तों का आगमन बुधवार शाम को ही प्रारंभ हो गया था।
वहीं, शाम को होटल और धर्मशालाओं में जगह नहीं मिलने से भक्त भटकते रहे। बृहस्पतिवार सुबह चार बजे शुभ मुहूर्त प्रारंभ होने पर लोगों ने मोक्ष दायिनी में आस्था की डुबकी लगानी प्रारंभ शुरू कर दी।
देर शाम तक गंगा में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहा। गंगा में डुबकी लगाने के बाद भक्तों ने भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी।इस दौरान लोगों ने गरीबों को दान-पुण्य भी किया।
उधर, गंगा स्नान के दौरान घाट पर चोर-उचक्के और उठीगीरे भी सक्रिय रहे। सीमापुरी दिल्ली निवासी रमेश और उसकी पत्नी बीना का बैग उठाईगीरे ले उड़े। बैग में तीन हजार रुपये, मोबाइल और कपड़े रखे हुए थे।
मेरठ निवासी बालेश्वर की पत्नी शीला के हाथ से झपटमार पर्स ले भागा। इसके अलावा जयवीर गाजियाबाद और रामवीर बुलंदशहर के गंगा किनारे रखे कपड़े भी उठाईगीरे ले उड़े। वहीं, चौकी इंचार्ज बलबीर सिंह ने इस तरह की किसी भी वारदात से अनभिज्ञता जताई।
पौष पूर्णिमा के दिन पालिका प्रशासन के दावे पूरी तरह खोखले साबित हो गए। सफाई की व्यवस्था न किए जाने से गंगा किनारे कूड़ा करकट की भरमार रही। अधिकांश कूड़ा-करकट भक्तों के आवागमन के दौरान गंगा की जलधारा में समा गया।
वहीं, चेयरपर्सन संगीता पुरुषोत्तम ने बताया कि पौष पूर्णिमा के दौरान गंगा किनारे एकत्र हुए कूड़ा करकट की सफाई के लिए अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए गए हैं।