गढ़ पालिका परिषद में वार्डों की तादाद में कोई कमी या बढ़ोतरी तो नहीं हो पाई है, लेकिन वार्डों की संख्या बदलने के साथ ही कई का अस्तित्व इस बार समाप्त हो गया है। हालांकि नए परिसीमन और निर्धारण को लेकर फिलहाल आपत्तियां मांगी गई हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशन में 2011 की जनगणना के आधार पर नगर के वार्डों के परिसीमन का काम कई दिन पहले पूरा हो चुका है। उसके संबंध में सात दिनों के भीतर प्रमुख सचिव नगर विकास को संबोधित करते हुए डीएम के कार्यालय में आपत्तियां मांगी गई हैं,
जिनका निस्तरण होने के बाद ही वार्डों के नए परिसीमन और निर्धारण को अंतिम रूप मिल पाएगा। नए परिसीमन और निर्धारण होने पर अब अधिकांश वार्डों की संख्या तब्दील हो गई है, जबकि रिफ्यूजी कालोनी और मोहल्ला चौधरियान समेत कई वार्डों का अस्तित्व ही समाप्त हो गया है।
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के मुताबिक वार्डों का आरक्षण तय करने से पहले पिछड़ा वर्ग की आबादी के रैपिड सर्वे का काम 27 अप्रैल तक पूरा किया जाना है। नए परिसीमन में पालिका के मौजूदा 25 वार्डों की तादाद में बढ़ोतरी नहीं हो पाई है।
पालिका क्षेत्र की कुल आबादी 2011 की जनगणना के अनुसार 46 हजार 77 है, जिसके चलते एक वार्ड का परिसीमन 1843 की आबादी के आधार पर किया गया है। ईओ पूर्णिमा सिंह का कहना है कि नियत अवधि के भीतर वार्डों का निर्धारण और परिसीमन का
काम पूरा करने के बाद अब उन पर आपत्ति मांगी गई हैं, जिनका निस्तारण होने पर वार्डों के परिसीमन और निर्धारण को अंतिम रूप मिल पाएगा। उन्होंने बताया कि वार्डों का आरक्षण तय करने से पहले पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या का रैपिड सर्वे प्रारंभ कराया जा रहा है।