कई माह से चल रहे महमूदपुर अंडरपास मामले में विवाद का बृहस्पतिवार को समाधान हो गया। अब जल्द अंडरपास का काम रफ्तार पकड़ लेगा। महमूदपुर अंडरपास को नियमानुसार नहीं बनवाने पर करीब दस गांवों के लोगों ने आंदोलन छेड़ दिया था।
कई माह से ग्रामीणों ने अंडरपास का निर्माण कार्य रोक दिया था। इसको लेकर चुनाव बहिष्कार की घोषणा भी की थी। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक के बाद इस निर्णय को वापस ले लिया गया।
इसे लेकर कई बार प्रशासन और रेलवे के अधिकारियों के बीच बैठक हुई। लेकिन ग्रामीण अपनी जिद पर अड़े रहे। बृहस्पतिवार को फिर रेलवे के अधिकारी महमूदपुर गांव पहुंचे और ग्राम प्रधान हरेंद्र सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों के साथ बैठक की।
बैठक में महमूदपुर की ओर से बड़े और भारी वाहनों के लिए एक संपर्क मार्ग गेट नंबर 33 से 32 के साथ जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया। वहीं, दक्षिण दिशा के संपर्क मार्ग को मुख्य मार्ग से मिलाने, मकानों के सामने रिटेनिंग दीवार की ऊंचाई इस प्रकार हो कि इन्हें सपोर्ट मिल सके।
इन घरों के साथ संपर्क की जलनिकासी एवं मार्ग पक्का किया जाए। इसके अलावा निर्माण कार्य अतिशीघ्र पूरा किया जाए। इन मांगों पर प्रशासन ने हामी भर दी। इसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन खत्म करने पर सहमति जता दी।
इस दौरान उत्तर रेलवे के इंजीनियर सुंदर सिंह, मीरपुर कलां के प्रधान वीर सिंह, कृपाल सिंह, कुंवरपाल सिंह, पुष्पेंद्र, रामबीर सिंह उपस्थित थे।