पिलखुवा। थाना क्षेत्र के गांव आलमपुर में करंट से झुलसे संविदाकर्मी विनीत (22) की मौत से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने मंगलवार को जमकर हंगामा किया। मृतक का शव पिलखुवा बिजलीघर पर रखकर परिजनों और ग्रामीणों ने एक करोड़ रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग की। काफी देर तक चले हंगामे के बाद ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने मृतक के परिजनों की सभी मांगे मान ली। जिसके बाद परिजन और ग्रामीण गांव लौट गए।
गांव निवासी विनीत ने चार दिसंबर को गांव स्थित ट्रांसफार्मर पर काम करने के दौरान शट डाउन मांगा था। इस पर एसएसओ ने दूसरे गांव का शट डाउन कर दिया था। इस दौरान विनीत करंट लगने से झुलस गया। परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां हालत गंभीर देख उसे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया। जहां सोमवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
विनीत की मौत की सूचना मिलने पर आक्रोशित परिजनों व ग्रामीणों ने सोमवार को बिजलीघर का ताला लगाकर छह उपकेंद्रों की विद्युत आपूर्ति को बंद कर दिया था। वहीं, मंगलवार को परिजनों ने पिलखुवा बिजलीघर पर शव रखकर हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर थाना पिलखुवा के वरिष्ठ उपनिरीक्षक इजहारुल इस्लाम व थाना हाफिजपुर प्रभारी निरीक्षक आशीष कुमार भारी पुलिस बल के साथ बिजलीघर पहुंच गए। परिजन मुआवजे में एक करोड़ रुपये और परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग कर रहे थे। अधिकारियों के काफी समझाने के बाद परिजन शाम को घर लौटे और देर शाम शव का अंतिम संस्कार किया।