पिलखुवा। पांच दिन पूर्व फॉल्ट सही करने के दौरान करंट लगने से झुलसे लाइनमैन विनीत (24) की सोमवार को दिल्ली के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने मृतक परिवार को एक करोड़ रुपये, अविवाहित बहन को सरकारी नौकरी एवं माता-पिता को पेंशन दिलाने की मांग को लेकर डिवीजन कार्यालय पर ताला लगा दिया और धरने पर बैठ गए। अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह धरने पर बैठे रहे।
आलमपुर गांव निवासी विनीत उर्फ कन्हैया शाहपुर-फगौता बिजलीघर पर संविदा के रूप में लाइनमैन था। चार दिसंबर की शाम आलमपुर फीडर के अंतर्गत 11 हजार की लाइन का फॉल्ट सही करते समय विनीत करंट लगने से बुरी तरह झुलस गया था। जिसे उपचार के लिए दिल्ली स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। सोमवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। यह सूचना मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण एकत्र होकर बिजलीघर पहुंचे और आपूर्ति बंद कर ताला लगा दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने निजामपुर और पिलखुवा बिजली घरों की आपूर्ति बंद कर तालाबंदी कर दी। आक्रोशित ग्रामीणों ने डिवीजन कार्यालय में तैनात सभी कर्मचारियों को बाहर निकालकर ताला लगा दिया और धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का कहना था कि मृतक इकलौता पुत्र था, पिता दिव्यांग और दो बहने अविवाहित हैं। ग्रामीणों ने मृतक परिवार को एक करोड़ रुपये की धनराशि, एक बहन को सरकारी नौकरी और माता-पिता को मृतक का पूरा वेतन पेंशन के रूप में देने की मांग की। पुलिस एवं निगम अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाबुझा धरना समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी मांगों पर अड़े रहे। देर रात तक ग्रामीणों का धरना जारी रहा।
बिजलीघर का एसएसओ निलंबित
आरोप है कि मृतक ने फॉल्ट सही करने के लिए आलमपुर फीडर का शटडाउन मांगा था, लेकिन बिजलीघर पर तैनात एसएसओ संजय कुमार ने नान फीडर का शटडाउन दे दिया। अधिशासी अभियंता मनीष कुमार यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया एसएसओ संजय को दोषी मानते हुए उसे निलंबित कर दिया गया है। विभागीय कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
धरने के दौरान युवक हुआ बेहोश
डिवीजन कार्यालय में धरने के दौरान आकाश बेहोश होकर जमीन पर गिर गया। जमीन पर गिरकर उसके सिर में चोट लग गई। जिसके बाद अधिकारियों एवं ग्रामीणों के हाथ-पैर फूल गए। कुछ देर बाद युवक के होश में आने पर ग्रामीण एवं कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
कोट -
अधिशासी अभियंता मनीष कुमार यादव का कहना है कि विभाग की तरफ से जो धनराशि और सुविधाएं होंगी, सभी पीडि़त परिवार की दी जाएगी। धरना समाप्त करने और ताला खोलने के लिए ग्रामीणों से आग्रह किया जा रहा है। वहीं, एसएसओ संजय को निलंबित कर दिया गया है।